वैट घटाने से आई राजस्व में मामूली कमी, लेकिन यह भी जरूरी था
आयुक्त पाल ने बताया कि वैट संकलन में सरकारी खजाने (राजस्व) में शुरुआती तौर पर अस्थायी कमी आई है। ऐसा दो वजहों से हुआ, एक तो कीमतों को सही रखने की सरकार की नीति और दूसरा मौसम के हिसाब से बिक्री में उतार-चढ़ाव। उन्होंने कहा कि वैट घटाने का फैसला इसलिए लिया गया ताकि लोगों पर ज्यादा बोझ न पड़े और सबसे जरूरी बात कि उत्तराखंड में अवैध सस्ती शराब की तस्करी बंद हो जाए। उत्तर प्रदेश में शराब पर वैट लगता ही नहीं है, फिर भी उत्तराखंड में देसी-विदेशी सभी तरह की शराब की कीमतें अपने पड़ोसी राज्यों, खासकर यूपी से, पहले से ही ज्यादा हैं। इसी रेट के अंतर को कम करने और अवैध शराब को रोकने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।