उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में सैन्य जरूरतों के हिसाब से 126 राफेल खरीदने की योजना थी, मोदी सरकार में यह संख्या बढ़कर 136 कैसे हो गई। रावत ने कहा कि कैग की यह रिपोर्ट भी मेड इन चाइना अथवा मेड इन फ्रांस है। कांग्रेस शुरू से ही इस मामले में ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (जेपीसी) बैठाने की मांग कर रही है।
राज्य सरकार को भी आड़े हाथ लेते हुए कहा कि राज्य आंदोलनकारियों को दिए क्षैतिज आरक्षण को खत्म कर रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया है। अभी तक न तो गन्ना क्रय केंद्र खोले हैं और न ही समर्थन मूल्य घोषित किया है।
यदि जल्द गन्ना क्रय केंद्र नहीं खोले गए तो वह एक दिवसीय उपवास पर बैठने को मजबूर होंगे। नए भू कानून से सरकार ने प्रदेश के सीमांत क्षेत्र में भी जमीन की खरीद का रास्ता खोल दिया है जो राज्य के लिए घातक है।
गैरसैण में कांग्रेस शासन में जितना काम हुआ भाजपा के आने के बाद उससे एक इंच भी अधिक काम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य के विभिन्न विभागों में 17 हजार पदों को मृत घोषित कर दिया है। 1200 रिक्त पदों पर आज तक नियुक्तियां नहीं हुई हैं।
उन्होंने इस बात पर भी हैरानी जताई कि एनएच 87 में मिले मुआवजे से असंतुष्ट काश्तकार आर्बिटेशन में जाना चाहते हैं लेकिन कई जगह जिलाधिकारी इससे बच रहे हैं। इस दौरान राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व विधायक नारायण पाल, ब्लाक प्रमुख भोला भट्ट आदि मौजूद थे।