आयोग ने गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले (बीपीएल), स्नो बाउंड इलाकों के बिजली उपभोक्ताओं की प्रति यूनिट दर में 12.02 प्रतिशत कमी की है। इस श्रेणी के उपभोक्ताओं को अब 1.83 रुपये प्रति यूनिट के स्थान पर 1.61 रुपये प्रति यूनिट की दर से भुगतान करना होगा।
गोशाला और गो-सदन की बिजली अब घरेलू श्रेणी में
आयोग ने उन गोशालाओं और गो-सदनों को भी घरेलू श्रेणी में शामिल किया है, जिनका लोड 4 किलोवाट तक है और महीने में 600 यूनिट बिजली इस्तेमाल होती है। ये राहत अब लघु डेयरी को भी मिलेगी। अभी तक दो किलोवाट और 200 यूनिट प्रति माह खपत वाली गोशाला व गो-सदन घरेलू श्रेणी में थे।
किसानों के लिए भी सस्ती बिजली
निजी नलकूप से खेती करने वाले किसानों के लिए भी आयोग ने बिजली दरों को सस्ता किया है। अब उन्हें 2.13 रुपये प्रति यूनिट के बजाय 2.04 पैसे प्रति यूनिट की दर से भुगतान करना होगा।
ग्लास, पेपर, टेक्सटाइल इंडस्ट्री को भी राहत
आयोग ने ऐसे उद्योगों का भी ख्याल किया है जहां अबाध बिजली की आपूर्ति होती है। ग्लास, पेपर, टेक्सटाइल श्रेणी वाले इन उद्योगों से यूपीसीएल बिजली मूल्य पर 10 प्रतिशत सरचार्ज लेता है। आयोग ने इस सरचार्ज को घटाकर 7.5 प्रतिशत कर दिया है।
पब्लिक इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन की नई श्रेणी बनाई
विद्युत नियामक आयोग ने भविष्य की जरूरत को ध्यान में रखते हुए पब्लिक इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन के लिए अलग से एक श्रेणी तय कर दी है। इसके लिए समान दर 5.50 रुपये प्रतियूनिट तय की गई है। कोई उपभोक्ता यदि घर या परिसर में बैटरी चार्ज करेगा तो उस पर घर या परिसर के बिजली कनेक्शन की दर लागू होगी।
आयोग ने उन बड़े उद्योगों व उपभोक्ताओं का ग्रेस पीरियड समाप्त कर दिया है, जो आटोमेटिक मीटर रीडिंग से बिल का भुगतान करते हैं। प्रदेश में ऐसे करीब 12000 उद्योग हैं। इन उद्योगों को अब बिल भुगतान करने के लिए रियायत अवधि नहीं मिलेगी। समय पर भुगतान करने पर उनसे लेट फीस ली जा सकेगी।
प्रीपेड मीटरिंग छूट रहेगी बरकरार
आयोग प्रीपेड मीटर का इस्तेमाल करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं के बिल पर चार प्रतिशत व अन्य एलटी उपभोक्ताओं पर तीन प्रतिशत छूट बरकरार रखी है।
किस उपभोक्ता का किस दर से आएगा बिजली का बिल
श्रेणी - वर्तमान दर - नई दर - कमी पैसे में - कमी प्रतिशत में
घरेलू - 4.62 - 4.44 - 18 - 3.90
अघरेलू - 6.73 - 6.38 - 35 - 5.20
गर्वेमेंट पब्लिक यूटिलिटी - 6.21 - 5.83 - 38 - 6.12
निजी नलकूप - 2.13 - 2.04 - 9 - 4.23
छोटे उद्योग (एलटी) - 6.26 6.03 23 3.67
बड़े उद्योग (एचटी) - 6.29 6.06 23 3.66
रेंजीडेंशियल इंस्टीटयूशन्स - (मिक्स लोड) 5.84 5.64 20 3.42
रेलवे - 6.30 5.93 37 5.87
विद्युत दरों में औसत कटौती - 4.00
नोट: बिजली की दरें रुपये प्रति यूनिट में।
आयोग ने बिजली की दरें तय कर दी हैं। ये वर्तमान दरों की तुलना में चार फीसदी कम हैं। आयोग ने यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल के प्रस्तावों का अध्ययन किया। जनसुनवाई में प्रभावित वर्ग के सुझाव लिए। उसके बाद दरों का निर्धारण किया।
- नीरज सती, सचिव, उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग
यूपीसीएल ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के खर्च के सापेक्ष राजस्व प्राप्ति के लिए बिजली दरों में 7.70 प्रतिशत का प्रस्ताव किया था। आयोग ने दरें तय कर दी हैं। निगम दरों का अध्ययन करेगा। यदि आवश्यकता होगी तो आयोग के समक्ष अपील करने पर भी विचार करेंगे।
- बीसीके मिश्रा, एमडी, यूपीसीएल