बिजली विभाग में अधिकारियों की लापरवाही का आश्चर्यजनक मामला सामने आया है। रुड़की विद्युत वितरण खंड ने एक व्यक्ति को किसी अन्य व्यक्ति के आवासीय पते पर बिजली कनेक्शन जारी कर दिया। असली मालिक को इसका पता तब चला जब बिजली काटने की जानकारी उनके पते पर भेजी गई।
सूचना आयोग ने विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को इस मामले की जांच करने का आदेश दिया है। रुड़की के संदीप कुमार ने राज्य सूचना आयोग में एक अपील दाखिल कर बताया कि 2016 में उनके आवासीय पते पर एक बिजली कनेक्शन जारी किया गया। यह 2021 तक उपयोग में रहा। 2025 में एक नोटिस द्वारा उन्हें इस कनेक्शन के काटे जाने की जानकारी दी गई। इसके बाद ही पीड़ित को इस मामले की जानकारी हुई।
संदीप कुमार ने सूचना आयोग में मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि बिजली कनेक्शन जारी करने के पहले भी संबंधित पते का निरीक्षण किया गया होगा। अब विभाग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनके पते पर जारी बिजली कनेक्शन किसी अन्य पते पर कैसे लगा दिया गया।
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आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और इसे कदाचार का मामला माना है। आयोग ने विभाग को इस मामले में अपने स्तर पर जांच करने का आदेश दिया है। आयोग ने पीड़ित को मांगी गई सूचना दस दिनों के अंदर उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया है।