प्रदेशभर में मतदाता सूचियों की गड़बड़ी के कुछ मामले ऐसे भी सामने आए, जब वोट देने पहुंचे मतदाता को महिला बना दिया गया। जैसे कोई रंजन नामक मतदाता का नाम रजनी, बबलू का बबली कर दिया। इस वजह से वे वोट नहीं डाल पाए। इसी प्रकार कुछ मामले ऐसे भी सामने आए, जिसमें पिता के नाम की जगह मतदाता का नाम और मतदाता के नाम की जगह पिता का नाम लिख दिया। ऐसे भी मतदाता वोट नहीं डाल पाए।
विधानसभा-लोकसभा से अलग मतदाता सूची
निकाय चुनाव की मतदाता सूची अलग होती है। इसमें वोट बनवाने की प्रक्रिया भी अलग है। आयोग ने इसके लिए विशेष अभियान भी चलाए थे। लेकिन मतदाताओं को ये असमंजस रहा कि उन्होंने लोकसभा का वोट दिया और अब उनका नाम नहीं है। ज्यादातर मतदाताओं को ये जानकारी ही नहीं थी कि निकायों के चुनाव की मतदाता सूची अलग से तैयार होती है।