पूर्व सीएम हरीश रावत समेत उनकी बेटी अनुपमा रावत को टिकट दिए जाने का पार्टी के भीतर दबी जुबान में विरोध शुरू हुआ तो खुद प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने सामने आकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि अनुपमा को उनकी योग्यता के आधार पर टिकट दिया गया है।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए पार्टी प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने कहा कि अनुपमा रावत ने अपनी काबिलियत को सामने रखा है। यही वजह रही कि क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की ओर से उनके नाम के प्रस्ताव को आगे बढ़ाया गया था। पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के मुद्दे पर प्रभारी ने कहा कि जब उन्होंने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी, तभी स्पष्ट था कि उन्हें एक टिकट दिया जाएगा। उन्होंने टिकट के लिए अपनी पुत्रवधू का नाम आगे किया। इसलिए उनकी पुत्रवधू अनुकृति को टिकट दिया गया। हरक सिंह रावत ने चुनाव के दौरान पूरे प्रदेश में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए पार्टी के लिए प्रचार की बात कही है। इसलिए उनका उपयोग पूरे प्रदेश में चुनाव प्रचार में बेहतर ढंग से किया जाएगा।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को पार्टी से निष्कासित किए जाने के सवाल पर देवेंद्र यादव ने कहा कि पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते उन्हें पहले पदों से निष्कासित किया गया था। यदि वह संवाद करते, पत्र का संतोषजनक जवाब देते तो उनके मामले को बेहतर ढंग से निपटाया जा सकता था। बागियों के सवाल पर उन्होंने कहा कि ज्यादातर जगहों पर बातचीत के आधार पर मामले सुलझा लिए गए हैं। कुछ एक जगहों पर दिक्कतें हैं, उन्हें भी बातचीत के आधार पर सुलझा लिया जाएगा।
आप का उत्तराखंड में कोई वजूद नहीं: यादव
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी देवेंद्र यादव ने कहा कि उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी का कोई वजूद नहीं है। आप नेताओं ने जिन्हें गुमराह कर पार्टी कार्यकर्ता बनाया है, वह सभी अब कांग्रेस का दामन थाम रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दस मार्च को भाजपा सरकार की विदाई तय है।
कोरोनाकाल में विधानसभा चुनाव में खुली चुनावी रैलियों पर लगी रोक के चलते राजनीतिक दलों को डिजीटल प्लेटफार्म की तरफ जाना पड़ रहा है। इसी कड़ी में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय में बने स्टूडियो से वर्चुअल रैली की शुरूआत हो गई है। शुक्रवार को एआईसीसी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला और प्रवक्ता प्रो.गौरव वल्लव ने उत्तराखंड स्वाभिमान रैली का औपचारिक शुभारंभ किया।
वर्चुअल रैली को संबोधित करते हुए सुरजेवाला ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों पर जमकर हमला बोला। उत्तराखंड के परिपेक्ष्य में उन्होंने कहा कि आज तीन तिगाड़ा, काम बिगाड़ा सरकार ने राज्य को महंगाई और बेरोजगारी में देश में नंबर वन बना दिया है। यही भाजपा सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने मतदाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यदि वह राज्य में भाजपा सरकार को उखाड़ फेंककर कांग्रेस की सरकार लाते हैं तो यह आम आदमी के स्वाभिमान की सरकार होगी।
यहां के युवाओं, किसानों, महिलाओं, सैनिकों और पूर्व सैनिकों के सम्मान की सरकार होगी। उन्होंने कहा कि आप लोगों के पास इस वक्त वोट की चोट कर राज्य में बड़ा परिवर्तन लाने का मौका है। यह परिवर्तन राज्य के युवाओं को रोजगार, किसानों को सम्मान और यहां के पर्यटन को मान देगा। यह चुनाव देवभूमि उत्तराखंड के लिए एक नई रोशनी ला सकता है।
किसान आंदोलन का जिक्र किया
सुरजेवाला ने दिल्ली में किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया ने देखा कैसे पहले केंद्र सरकार ने देश के किसानों पर तीन काले कृषि कानून थोपे। कांग्रेस ने किसानों का साथ दिया और आखिरकार मोदी सरकार को तीनों काले कानून वापस लेने पड़े। उन्होंने राज्य की भाजपा सरकार को लूट की सरकार की संज्ञा देते हुए मतदाताओं से राज्य में परिवर्तन लाने की अपील की। इस दौरान प्रो. गौरव वल्लव ने भी रैली को संबोधित किया।