विधानसभा चुनाव-2022 से पहले कांग्रेस ने संगठन की मजबूती के लिए यह दांव खेला है। अक्तूबर-नवंबर 2018 में उत्तराखंड के 84 निकायों के चुनाव हुए थे। इस दौरान 7 नगर निगम, 39 नगर पालिका और 38 नगर पंचायतों में भाजपा-कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों का सीधा आमना सामना होना था, लेकिन अपने चहेते दावेदार को टिकट न मिलने पर कुछ नेताओं ने भाजपा या अन्य संगठन समर्थित प्रत्याशियों का प्रचार-प्रसार किया।
अब सियासी समीकरणों में बदलाव की आशंका को भांपते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने निष्कासितों को पार्टी में वापस लाने के लिए कसरत शुरू कर दी है। निष्कासितों का पक्ष लेने के लिए वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में विचार विमर्श समीक्षा कमेटी का गठन किया गया है।
प्रदेशभर से अब तक 50 से अधिक निष्कासितों ने अपना पक्ष उपलब्ध कराया है। जल्द ही इसकी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजी जानी है। निकाय चुनावों के दौरान सौ से लोगों को पार्टी से बाहर किया गया था।
- मथुरा दत्त जोशी, महामंत्री, संगठन, पीसीसी