शिक्षा मित्र दो दिनों के भीतर स्कूल नहीं पहुंचे तो उन्हें बर्खास्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि शिक्षा मित्रों के आंदोलन के कारण स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षा मित्रों की मांग पर सरकार के स्तर से कार्रवाई की जा रही है लेकिन आंदोलन करना ठीक नहीं है। दूसरी ओर मंगलवार को शिक्षा मित्रों ने सचिव शिक्षा डा. भूपिंदर कौर औलख से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि डीएलएड प्रशिक्षण पूरा कर चुके पहले बैच के शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्ति दी गई। वहीं, दूसरे बैच के करीब 900 शिक्षकों को एक साल बाद भी नियुक्ति नहीं मिल पाई है।
शिक्षा सचिव डा. औलख ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार सहायक अध्यापक प्राथमिक के पदों पर नियुक्ति के लिए डीएलएड के साथ टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि शिक्षण कार्य से विरत रहने पर शिक्षा मित्रों के खिलाफ एस्मा के तहत कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने शिक्षा मित्रों को स्कूल जाकर शिक्षण कार्य में सहयोग करने के निर्देश दिए।
शिक्षा मित्रों का आमरण अनशन जारी
शिक्षा मित्र क्रांतिकारी महासंघ के अध्यक्ष पूर्ण सिंह राणा का शिक्षा निदेशालय में आमरण अनशन मंगलवार को नौवें दिन भी जारी रहा। उन्होंने कहा कि सहायक अध्यापक पद पर जल्द तैनाती न मिलने पर वह उग्र आंदोलन छेड़ेंगे। धरना प्रदर्शन करने वालों में हरि नेगी, भगवान सिंह गुसाईं, प्रवीण कुमार, चित्रा राणा, संध्या, पुष्पा, अरुणा, सर्वानंद, विनोद, मंसूर, आरती, भगत, गणेश, महावीर, मोहन, प्रियंका, विमल, प्रभा गुंजन, राजेंद्र, पंकज, संतोषी समेत अन्य शामिल रहे।