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शिक्षा विभाग: चहेते अफसरों को दिल खोलकर दिया चार्ज, वरिष्ठता की दरकिनार

Mon, 06 Jan 2020 03:00 AM IST
अलका त्यागी बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • शिक्षा विभाग में कुछ अफसरों के पास पांच-पांच चार्ज
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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उत्तराखंड शिक्षा विभाग में शिक्षकों एवं प्रिंसिपलों की भले ही कमी है, लेकिन अफसरों की यहां फौज है। इसके बावजूद कुछ अफसरों को तीन से पांच चार्ज तक दिए गए हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभाग में किस तरह से काम हो रहा है। अफसरों को चार्ज दिए जाने में वरिष्ठता को भी दरकिनार किया गया है, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। 

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सरकार ने शिक्षा विभाग में चहेते अफसरों को दिल खोलकर चार्ज दिए हैं। एससीईआरटी में उप निदेशक आनंद भारद्वाज के पास इक्का दुक्का नहीं बल्कि पांच चार्ज हैं। एससीईआरटी में उप निदेशक के साथ ही उन्हें मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक शिक्षा हरिद्वार और जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक शिक्षा हरिद्वार का चार्ज दिया गया है। इसके अलावा उन्हें संस्कृत अकादमी का सचिव भी बनाया गया है।

जबकि अपर निदेशक कुमाऊं मंडल डॉ.मुकुल कुमार सती के पास तीन चार्ज हैं। उन्हें समग्र शिक्षा अभियान में अपर राज्य परियोजना निदेशक और नैनीताल डायट का प्राचार्य बनाया गया है। वहीं, अपर निदेशक बेसिक शिक्षा गढ़वाल मंडल एसपी खाली को संस्कृत शिक्षा परिषद का निदेशक बनाया गया है। खाली अपर शिक्षा निदेशक बेसिक शिक्षा के साथ ही संस्कृत शिक्षा परिषद के निदेशक का भी काम देख रहे हैं।
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सीईओ बागेश्वर नरेश शर्मा के पास सीईओ के साथ ही डीईओ बागेश्वर का भी प्रभार है। हैरानी की बात यह है कि चहेते अफसरों को चार्ज दिए जाने में वरिष्ठता को भी दरकिनार कर दिया गया है। सीईओ के पद पर संयुक्त निदेशक स्तर का अधिकारी बैठता है। जबकि कुछ जनपदों में उप निदेशक स्तर के अधिकारियों को सीईओ का चार्ज दिया गया है।

मंत्री से नहीं हुआ संपर्क, अधिकारी चुप
शिक्षा विभाग में एक अफसर को पांच-पांच चार्ज दिए जाने के मामले में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। उनका पक्ष आने पर प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। वहीं, विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि यह सरकार का निर्णय है, इस पर वह कुछ नहीं कह सकते। 

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