राज्य में 6499 कुपोषित बच्चे
रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर तक राज्य में 6499 कुपोषित बच्चे चिन्हित किए गए। इनमें 952 बच्चे ऐसे पाए गए जो अत्यधिक कुपोषित हैं। पिछले वर्ष 7658 कुपोषित बच्चे थे। पिछले पांच वर्षों में 9266 कुपोषित बच्चों में कमी आई है। 2018-19 में 15765 कुपोषित बच्चे थे। ऐसे बच्चों को कुपोषण बचाने के लिए स्थानीय पोषण आहर पर आधारित ऊर्जा कार्यक्रम शुरू किया गया।
5303 आंगनबाड़ी भवन बनेंगे
प्रदेश सरकार इस साल 5303 आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण करना है। इनमें प्रत्येक के लिए 7.50 लाख की धनराशि प्रावधान है। गांवों में कुल 20067 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें 18818 गांवों और 1249 शहरी क्षेत्रों में हैं। इन केंद्रों के माध्यम से 105 बाल विकास की योजनाएं संचालित हो रही हैं।
साइबर सुरक्षा का कवच होगा तैयार, सेंटर फॉर एक्सलेंस बनेगा
रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश सरकार साइबर हमलों से सुरक्षा के लिए कवच तैयार करेगी। इसके तहत एक घटना प्रतिक्रिया तंत्र बनाने के लिए एक एसओपी जारी की जाएगी। साथ ही सीईआरटी-यूटीके की वेबसाइट बनाई जाएगी। साइबर सिक्यूरिटी सेंटर फॉर एक्सलेंस बनाया जा रहा है। साथ ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एक चेटबोट बनाया जाएगा। इसके लिए गांवों की कॉमन सर्विस सेंटर( सीएससी) के साथ अनुबंध किया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 21962 सीएससी पंजीकृत हैं, जिनमें से 11616 सक्रिय हैं।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand Budget Session: एक अध्यादेश और छह विधेयक सदन में पेश, राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पास
ड्रोन पोर्ट व ड्रोन गलियारें बनेंगे, कोर्स में शामिल होगा
रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ड्रोन के लॉजििस्टक उपयोग पर जोर देगी। रक्त उत्पादों, टीके, फार्मास्यूिटकल्स, चिकित्सा नमूने और खाद्य आपूर्ति के परिवहन के लिए मानवरहित हवाई यातायात के उचित रूटिंग के लिए ड्रोन पोर्ट की स्थापना और ड्रोन गलियारों को स्थापित करेगी। ड्रोन सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों के पाठ्यक्रम में एक विषय के तौर पर शामिल किया जाएगा। छात्रों को ड्रोन प्रौद्योगिकी के संपर्क में लाया जाएगा। कुशल इंजीनियरों को भी तैयार करेगा।