इन बिंदुओं पर मांगा गया स्पष्टीकरण
शासन ने जो पत्र जारी किया है, इसमें बिना पूर्व स्वीकृति के मुनस्यारी में इको हट आदि निर्माण के अलावा निर्माण सामग्री के लिए बिना टेंडर व सक्षम स्वीकृति के निजी संस्था का चयन, एकमुश्त भुगतान किए जाने पर जवाब मांगा है। साथ ही बिना सक्षम अनुमोदन के ईको डेवलेपमेंट कमेटी (ईडीसी) पातलथौड़ मुनस्यारी के पर्यटन से मिलने वाली राशि का 70 प्रतिशत भाग देेने के लिए एमओयू करने पर स्पष्टीकरण देना होगा। इसके अलावा पिथौरागढ़ वन प्रभाग 10 फायर लाइन (कुल लंबाई 14.6 किमी) के विरुद्ध वित्तीय वर्ष 2021-2022 में 90 किमी फायर लाइनों का अनुरक्षण पर सफाई और दो लाख का व्यय किया गया, इस पर जवाब मांगा गया है। प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु कहते हैं कि वन संरक्षक से कई बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है और 15 दिन में जवाब देने को कहा गया है।
इस तरह तथ्य सामने आए
मुख्य वन संरक्षक कार्ययोजना के माध्यम से राज्य में प्रभागों की कार्ययोजना तैयार करने का काम होता है। इसी क्रम में पिथाैरागढ़ वन प्रभाग की दस वर्षीय कार्ययोजना तैयार करने का काम चल रहा था। तब यह कथित अनियमितता की बात सामने आई थी, इसके बाद मुख्य वन संरक्षक कार्ययोजना संजीव चतुर्वेदी ने प्रमुख वन संरक्षक को पत्र लिखे थे। वहीं, शासन ने स्पष्टीकरण मांगा है, इसमें कहा गया है कि 15 दिन में जवाब न देने पर अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी।