आईआईटी वैज्ञानिकों ने हरिद्वार में आए भूकंप का अध्ययन शुरू कर दिया है। वैज्ञानिकों के अनुसार सुबह नौ बजकर 41 मिनट पर आए भूकंप की तीव्रता 4.0 मैग्नीट्यूड थी। जबकि 41.9 किलोमीटर गहरे भूकंप का केंद्र टिहरी बांध से दक्षिण पश्चिम दिशा में 49.39 किमी दूरी पर था। वहीं हरिद्वार से उत्तर-पश्चिमी दिशा में इसकी दूरी 25 किमी थी।
भूकंप अभियांत्रिकी विभाग, आईआईटी रुड़की की ओर से गढ़वाल हिमालय में लगाए गए टिहरी नेटवर्क में दर्ज आंकड़ों के आधार पर भूकंप की स्थिति की गणना की गई है। इस नेटवर्क के 18 स्टेशन के साथ-साथ रुड़की सीस्मोलॉजिकल ऑब्जर्वेटरी पर भी भूकंप दर्ज किया गया है।
वैज्ञानिक प्रो. एमएल कंसल ने बताया कि भूकंप के स्रोत की गहराई लगभग 40 किमी मापी गई है। तीव्रता और गहराई के कारण, देहरादून, रुड़की, लक्सर और हरिद्वार सहित आसपास के क्षेत्रों में भूकंप का अनुभव किया गया है।
इस भूकंप से किसी भी क्षेत्र में किसी तरह के नुकसान की आशंका नहीं है। रुड़की ऑब्जर्वेटरी से इसकी दूरी लगभग 34 किमी होने का अनुमान है। भूकंप के स्रोत का कारण हिमालयन फ्रंटल फाल्ट हो सकता है जो इस क्षेत्र में स्थित है। भूकंप के लिहाज से यह क्षेत्र काफी संवेदनशील है और वर्तमान भूकंप इस क्रम में आने वाले भूकंपों में से एक है।