आंशिक क्षतिग्रस्त (पक्का) भवन के लिए सहायता राशि को 5200 रुपये प्रति भवन से बढ़ाकर 7500 रुपये और आंशिक क्षतिग्रस्त (कच्चा) भवन के लिए सहायता राशि को 3200 रुपये से बढ़ाकर पांच हजार रुपये प्रति भवन किया गया। इसके अलावा भूमि क्षति के लिए राहत राशि कम से कम एक हजार रुपये दी जाएगी।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार, आनंद बर्द्धन, अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव अमित नेगी, आर मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, एसए मुरुगेशन, डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, आयुक्त गढ़वाल रविनाथ रमन, आयुक्त कुमाऊं सुशील कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
आंगन व दीवार ध्वस्त होने पर आंशिक क्षतिग्रस्त में शामिल
आपदा से घर के आगे या पीछे का आंगन व दीवार क्षतिग्रस्त होने को भी आंशिक क्षतिग्रस्त में लिया जाएगा। पहले इस पर सहायता नहीं दी जाती थी। जिन आवासीय कालोनियों में बिजली के मीटर बाहर लगे थे और 18 व 19 अक्तूबर को आई आपदा में खराब हो गए हैं। ऐसे बिजली मीटर को ऊर्जा विभाग निशुल्क बदलेगा। राज्य आपदा मोचन निधि मानकों से मान्य से अधिक धनराशि का भुगतान मुख्यमंत्री राहत कोष से किया जाएगा। इसी प्रकार क्षतिग्रस्त भवनों के प्रकरणों में यदि भवन एसडीआरएफ के मानकों की परिधि से बाहर है तो ऐसे प्रकरणों पर सहायता मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रदान की जाएगी। जीएसटी के दायरे से बाहर के छोटे व्यापारियों को दुकान में पानी भर जाने आदि से नुकसान होने पर पांच हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। एसडीआरएफ के मानकों में कवर न होने पर की सहायता मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रदान की जाएगी।
सात नवंबर तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की समय सीमा
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश भर में सड़कों को सात नवंबर तक गड्ढा मुक्त करना है। इसके लिए गढ़वाल व कुमाऊं मंडल आयुक्त इसकी लगातार निगरानी करेंगे। सरकार ने 15 सितंबर से प्रदेश भर में सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का अभियान शुरू किया था।