द्वाली से लौटे पर्यटकों को दो चेक पोस्टों पर जानकारी एकत्र की जा रही है। खाईबगड़ पुल के पास और शामा-सौंग तिराहे पर पर्यटकों के नाम, पता, आधार नंबर, पासपोर्ट, मोबाइल फोन आदि की जानकारी लेकर उन्हें वापस भेजा जा रहा है।
केदारेश्वर मैदान में जमा रह प्रशासनिक अमला
कपकोट के केदारेश्वर मैदान में डीएम विनीत कुमार, एसपी अमित श्रीवास्तव सहित पूरा प्रशासनिक अमला दो दिनों से जमा है। शुक्रवार को भी डीएम मौके पर रहकर खोज-बचाव कार्य की जानकारी लेते रहे। मैदान में भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश गढ़िया, ब्लॉक प्रमुख गोविंद दानू भी मौजूद थे। अधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने सामंजस्य बनाकर हालात से निपटने की बात की।
सेटेलाइट फोन के दावों की खुली पोल
विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल होने के बावजूद पिंडर घाटी संचार सुविधाओं से महरूम है। शासन-प्रशासन क्षेत्र में सेटेलाइट फोन होने के दावे करता रहा है, लेकिन ऐन मौके पर आई आपदा ने सेटेलाइट फोन के दावों की पोल खोलकर रख दी है। संचार सुविधा नहीं होने से तीन दिन की भारी बारिश का अलर्ट भी क्षेत्र के लोगों को पता नहीं चला। हालांकि शासन-प्रशासन मोबाइल नेटवर्क की तरह सेटेलाइट सेवा के भी बाधित होने की बात कर रहा है।
डीएफओ ने ग्लेशियर जाने वाले किसी भी ट्रैकर का पंजीकरण नहीं होने की बात कही है, जबकि वन क्षेत्र में पड़ने वाले ग्लेशियरों में जाने से पहले वन विभाग में पंजीकरण करना आवश्यक है। इस मामले की जांच की जाएगी और भविष्य में सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। ट्रैकरों का पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा।
- विनीत कुमार, जिलाधिकारी बागेश्वर शंकर