मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए कर्मचारियों के वेतन से एक दिन की कटौती न करने का आदेश प्रदेश सरकार की ओर से जारी कर दिया गया है। कुछ दिन पहले ही मंत्रिमंडल ने आईएएस, आईपीएस, आईएफएस अधिकारियों को छोड़कर अन्य कर्मचारियों का एक दिन का वेतन न काटने का फैसला किया था।
सोमवार को वित्त सचिव अमित नेगी की ओर से इसका आदेश भी जारी कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, मंत्री, राज्यमंत्री, दर्जा प्राप्त, दायित्वधारियों आदि के वेतन से कटौती जारी रहेगी। वित्त ने एक अक्तूबर से इस आदेश को लागू माना है। माना जा रहा है कि इससे करीब दो लाख कर्मचारियों को फायदा होगा।
बोनस पर केंद्र को देखकर फैसला लेगी सरकार
त्यौहारी सीजन में अब प्रदेश के डेढ़ लाख से अधिक कर्मचारियों को बोनस की भी दरकार है। इस मामले में भारी भरकम खर्च को देखते हुए फिलहाल प्रदेश सरकार की नजर केंद्र के फैसले और अपनी वित्तीय स्थिति पर है। प्रदेश में सरकार हर साल अराजपत्रित और 4800 ग्रेड पे तक पाने वाले कर्मचारियों को करीब सात हजार रुपये का बोनस दीपावली से पहले देती आई है।
इससे करीब डेढ़ लाख कर्मचारियों को फायदा होता है। इस बार कोरोना के कारण प्रदेश सरकार को वित्तीय रूप से दबाव का सामना भी करना पड़ रहा है। वित्त विभाग के मुताबिक कर्मचारियों को बोनस देने पर करीब 100 करोड़ रुपये का वित्तीय भार प्रदेश सरकार को वहन करना होता है। ऐसे में बोनस को लेकर भी प्रदेश सरकार की निगाह केंद्र पर है।