साइबर क्राइम के मामलों का तेजी से खुलासा करने और नई तकनीक अपनाने के लिए साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन को स्मार्ट पुलिस अवार्ड से नवाजा गया है। यह अवार्ड देश के सबसे बड़े उद्योग संगठन फिक्की (फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) ने नई दिल्ली में एसटीएफ की एसएसपी रिद्धिम अग्रवाल को प्रदान किया।
देशभर से आईं 210 प्रविष्टियों को पछाड़कर साइबर क्राइम पुलिस थाने ने यह अवार्ड हासिल किया। पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी और अपर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार के साथ ही पुलिस मुख्यालय के अन्य अधिकारियों ने साइबर पुलिस स्टेशन को इसके लिए बधाई दी है।
एसएसपी एसटीएफ रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि इस पुरस्कार के लिए पुलिस अधिकारियों की अपराध को समझने में दक्षता और उन्हें दिए जाने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम को आधार बनाया गया था। उन्होंने बताया कि साइबर क्राइम रोकथाम और अनावरण के लिए ई-सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 750 जांच अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसके चलते प्रदेश में एटीएम क्लोनिंग, आभासी मुद्रा, वेबसाइट हैकिंग, सोशल मीडिया और फ्रॉड संबंधी अपराधों का तेजी से खुलासा किया गया है।
उन्होंने बताया कि ई-सुरक्षा चक्र प्रशिक्षण कार्यक्रम की गुणवत्ता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर 300 और पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि फिक्की स्मार्ट पुलिस अवार्ड के लिए देशभर से 211 आवेदन आए थे। इनमें से उत्तराखंड पुलिस को सम्मान के लिए चुना गया। नई दिल्ली में उन्हें यह सम्मान संसदीय मामलों के राज्य मंत्री विजय गोयल ने दिया।