इसके बाद और रकम जमा करने के लिए कहा गया। इस पर उन्होंने सवा करोड़ रुपये और जमा करा दिए। कुल मिलाकर विभिन्न खातों में 3.20 करोड़ रुपये जमा करा दिए गए, लेकिन इसी बीच उन्हें पता चला कि एमडी ने कोई नंबर नहीं बदला है और न ही प्रबंधन ने किसी अन्य प्रोजेक्ट में पैसा लगाने की बात कही है। इस पर उन्हें ठगी का पता चला। इस शिकायत पर साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच की गई तो सूरज मौला का नाम सामने आया।
इस दरम्यान कई बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच की गई थी। इसमें पता चला कि मौला के एक ही खाते में केवल 24 घंटों के भीतर एक करोड़ रुपये से भी ज्यादा की रकम जमा की गई है। मौला के पास से दो मोबाइल फोन, एक ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, तीन डेबिट कार्ड और पांच सिम बरामद हुए हैं। उसके अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।