‘मुझे तो प्रधान के साथ उसके भाई और बेटे को भी मौत की नींद सुलाना था लेकिन...’ यह खुलासा ग्राम प्रधान के हत्यारोपी ने पुलिस पूछताछ में किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने रंजिशन प्रधान की हत्या करने की बात करते हुए फौज में नौकरी नहीं लगने से तनाव में रहने की बात भी कबूल की है। इससे पहले पुलिस ने जब उसे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा तो उसने पहले पुलिस से पहचान पत्र मांगा और ग्रामीणों के सामने बाहर नहीं आने की बात कही। पुलिस के भरोसा देने पर वह शौचालय से बाहर आया और बंदूक और कारतूस भी पुलिस को सौंप दिए।
माझीखेत के ग्राम प्रधान की हत्या का आरोपी नीरज बेहद गरीब परिवार से है। उसके पिता मजदूरी करते हैं। करीब 20 दिन पहले नीरज मुवानी के चोपड़ा गांव में अपनी बहन के घर गया था। शनिवार को वह बिना बताए अपने गांव आया और देर रात प्रधान की हत्या कर दी। हत्याकांड को जिस बंदूक से अंजाम दिया वह बंदूक मृतक प्रधान के बड़े भाई राजेंद्र सिंह की बताई जा रही है, जिसे नीरज ने उनके ही घर से चुराया था। कारतूस के दो पैकेट भी उसने चुराए थे और फिर यू-ट्यूब पर बंदूक लोड करने और चलाने की विधि सीखी और दोनाली बंदूक लोड करके प्रधान के बाहर आने का इंतजार करने लगा। रात को जैसे ही ग्राम प्रधान पुष्कर सिंह लघु शंका के लिए बाहर आए तो उसने गोली दाग दी।
ग्राम प्रधान की हत्या के बाद आरोपी नीरज गोठ में छिप गया। गोली चलने के बाद डर से कोई भी परिजन बाहर नहीं आए। चीख-पुकार सुनकर जब गांव के लोग मौके पर जुटे तो आरोपी बंदूक लहराते हुए भाग गया और मंदिर के परिसर में बने शौचालय में छिप गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब उसे दरवाजा खोलने को कहा तो उसने पुलिस से पहचान पत्र दिखाने को कहा। पुलिस के विश्वास में लेने पर वह शौचालय से बाहर आया।
नीरज ने राजेंद्र के घर से बंदूक और गोली चुरा ली पर उसे बंदूक में कारतूस कैसे भरे जाते हैं, यह नहीं पता था। बंदूक लोड करने की जानकारी लेने के लिए उसने इंटरनेट के जरिये यू-ट्यूब का सहारा लिया। पूरी विधि देखने और सीखने के बाद ग्राम प्रधान के बाहर आने का इंतजार किया और घटना को अंजाम दे दिया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसका ग्राम प्रधान के पुत्र और बड़े भाई राजन सिंह को मारने का प्लान भी था। आरोपी ने बेड़ीनाग डिग्री कॉलेज से बीए द्वितीय वर्ष तक की पढ़ाई की है। उसने फौज में भर्ती नहीं हो पाने के कारण तनाव में रहने की बात भी स्वीकारी।
डांट ही बनी ग्राम प्रधान की हत्या की वजह
माछीखेत के ग्राम प्रधान पुष्कर सिंह के हत्यारोपी नीरज ने पुलिस हिरासत में कई खुलासे किए है। आरोपी ग्राम प्रधान और उनके परिवार के सदस्यों की डांट डपट से नाराज होकर उसने यह कदम उठाया। पहले उसने बढ़ियाठ से हत्या करने की योजना बनाई थी। जिसे वह मौके पर लाया भी था। पर राजेंद्र सिंह के घर में उसे बंदूक और कारतूस मिल गए। तब उसने बढ़ियाठ से हत्या करने के बजाय बंदूक से हत्याकांड को अंजाम दिया।
ग्रामीणों के मुताबिक नीरज ने हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की थी लेकिन पिछले कुछ दिनों से उसके व्यवहार में परिवर्तन आ गया था। अक्सर वह लोगों से बात-बात पर अभद्रता, झगड़ा करने लगा था और चिड़चिड़ा भी हो गया था। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले माता-पिता से मारपीट करने पर पड़ोस में रहने वाले ग्राम प्रधान पुष्कर सिंह ने उसे डांट लगाई थी। गांव के रिश्ते में ग्राम प्रधान और नीरज चाचा-भतीजा लगते थे। ग्रामीणों का मानना है कि प्रधान की डांट के बाद से वह उनके प्रति रंजिश रखने लगा था। इस घटना के बाद पूरा गांव सदमे में है।
ग्रामीणों ने बाहर से लगा दी थी कुंडी
हत्यारोपी युवक वारदात को अंजाम देने के बाद नागीमल मंदिर परिसर के शौचालय में छिपा था। इसका पता चलने पर कुछ लोगों ने बाहर से कुंडा लगाकर उसे बंद कर दिया। इस कारण वह भाग नहीं सका। ग्रामीणों की निशानदेही पर बेड़ीनाग के थानाध्यक्ष हेम पंत के नेतृत्व में मौके पर पहुंची पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से दोनाली बंदूक और कारतूस भी बरामद किए। हत्या के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस और राजस्व टीम आरोपी युवक से पूछताछ कर रही है।