घटना के मुख्य आरोपी तारिक के दादा को पुलिस ने गिरफ्तार किया। अन्य चार आरोपियों की तलाश में पुलिस, क्राइम ब्रांच की टीमें लगी हुई है। कोतवाली पुलिस की टीम पूरी रात संदिग्ध ठिकानों पर दबिश देती रही। इस दौरान पुलिस कई महिला, पुरुष रिश्तेदारों को हिरासत में लेकर पूछताछ में जुटी है। फिलहाल आरोपियों को पकड़ने में पुलिस दूसरे दिन भी नाकाम साबित हुई।
उधर, घटना के बाद से गांव में पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है। कोतवाली पुलिस व क्यूआरटी के जवान आरोपी के घर पर मुस्तैद रहे। गांव की किराना, जनरल स्टोर व चाय पान की दुकानें बंद रहीं। मृतक के घर पर शोक संवेदना व्यक्त करने और घायल पिता का हाल जानने के लिए लोगों का आना जाना जारी रहा।
विधायक ने कहा, सरकार की नाकामी
घटना के दूसरे दिन सुबह क्षेत्रीय विधायक शैलेंद्र यादव ललई भरौली गांव पहुंचे। परिवार से घटना की जानकारी लेते हुए शोक संवेदना व्यक्त की। विधायक ने कहा सरकार को अपराधियों का खुला संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने उच्चाधिकारियों से बात करते हुए कहा कि अपराधियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। गिरफ्तारी में नाकाम पुलिस पूछताछ के नाम पर लोगों को परेशान न करे।
भूखे रहकर ड्यूटी को मजबूर क्यूआरटी के जवान
भरौली गांव में पुलिस लाइन से तैनात की गई क्यूआरटी के 14 जवानों की टीम ने स्थानीय प्रशासन पर भोजन पानी आदि की व्यवस्था न किए जाने पर नाराजगी जताई। आक्रोशित जवानों का कहना है कि रात से ड्यूटी की जा रही है। लेकिन न तो रात में खाना मिला, न नाश्ता, न ही दोपहर में खाना। जवानों ने कहा कि स्थानीय कोतवाली के इंचार्ज द्वारा एक बोतल पानी तक की व्यवस्था नहीं की गई है। जवानों ने कहा कि भोजन आदि की व्यवस्था नहीं कर सकते तो पुलिस लाइन में भेज दें।