दरअसल, लॉकडाउन के चलते सरकार ने घोषणा की थी कि लोगों को सस्ते गल्ले की दुकानों पर तीन महीने का राशन एक साथ दिया जाएगा। इसके बाद दूसरी घोषणा हुई थी कि गरीबों को सरकारी गल्ले की दुकानों से तीन महीने फ्री में राशन उपलब्ध कराया जाएगा। दोनों आदेशों के बाद उपभोक्ता गफलत में हैं।
उपभोक्ता राशन डीलरों पर लगातार आरोप लगा रहे हैं कि वह उन्हें कम राशन दे रहे हैं और फ्री में नहीं दे रहे हैं। जबकि अभी तक राशन डीलरों को फ्री के राशन का कोटा आवंटित हुआ ही नहीं है।
वर्तमान में सस्ते गल्ले की दुकानों पर जो राशन मिल रहा है कि वह सरकार के पहले आदेश के तहत मिला है। जिसमें तीन महीने का राशन दिया था। भीड़ कम करने के लिए तीन महीने के बजाए उपभोक्ताओं को दो माह का राशन एक साथ दिया जा रहा है। जबकि अप्रैल माह का राशन मार्च के अंत में उपभोक्ताओं को दिया जा रहा है।
फ्री के राशन को लेकर भी उपभोक्ताओं में गफलत की स्थिति है। उपभोक्ता समझ रहे हैं कि फ्री का राशन सभी कार्डधारकों को मिलेगा। लेकिन ऐसा नहीं है, फ्री का राशन केवल गरीबी रेखा से नीचे वाले उपभोक्ताओं, सफेद कार्ड और गुलाबी कार्डधारकों को ही मिलेगा। न कि आम उपभोक्ताओं को।
फ्री में केवल पांच किलो प्रति यूनिट चावल ही मिलेगा और एक किलो दाल, सफेद-गुलाबी कार्ड धारकों को तीन महीने फ्री में केवल चावल ही उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना में गेहूं शामिल नहीं है। चावल के साथ एक किलो दाल भी फ्री में उपलब्ध कराई जाएगी।
राशन को लेकर उपभोक्ता संयम रखें। फिलहाल जो राशन मिल रहा है वह दो महीने का मिल रहा है। यह सभी उपभोक्ताओं को मिल रहा है। सफेद और गुलाबी कार्डधारकों को अगले माह से प्रति यूनिट पांच किलो चावल दिया जाएगा। आगे जिला प्रशासन के निर्देशानुसार राशन का वितरण किया जाएगा।
- जेएस कंडारी, जिलापूर्ति अधिकारी