दो साल में तीसरे आईएफएस ने वीआरएस मांगा
निदेशक बडोला ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के लिए आवेदन किया है। पिछले दो साल में वीआरएस मांगने वाले वह तीसरे आईएफएस अधिकारी हैं। इससे पहले वन विभाग के मुखिया रहे अधिकारी भी वीआरएस ले चुके हैं। लगातार अधिकारियों के वीआरएस मांगने से वन महकमे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
मुख्य वन संरक्षक पद पर तैनात रहे मनोज चंद्रन ने अक्तूबर 2024 में वीआरएस के लिए आवेदन किया था। बताया जाता है कि मार्च 2025 के बाद से वह कार्यालय नहीं आ रहे हैं। चंद्रन के अनुसार, वीआरएस के लिए तीन महीने का नोटिस दिया जाता है। इस अवधि में कोई पत्राचार नहीं होने पर सेवानिवृत्ति मान ली जाती है।
उन्होंने पांच महीने का नोटिस दिया था और इसकी सूचना वन मुख्यालय व शासन को भी दी थी। पेंशन के लिए जरूरी दस्तावेज भी जमा किए, लेकिन अब तक पेंशन या प्रोविजनल पेंशन नहीं मिली है। एक जांच के संबंध में ई-मेल से जानकारी मांगी गई थी, जिसका उन्होंने जवाब दे दिया था। इसके बाद भी उनसे कोई संपर्क नहीं किया गया। वहीं, तत्कालीन प्रमुख वन संरक्षक एवं हेड ऑफ फॉरेस्ट धनंजय मोहन ने जून 2025 में वीआरएस ले लिया था, जबकि उनके सेवानिवृत्त होने में केवल दो महीने बाकी थे। उनके वीआरएस लेने के पीछे व्यक्तिगत कारण बताए गए थे।