बताया कि आरोपी की ओर से भी तहरीर दी गई है जिसमें युवती ने शादी के लिए धर्म परिवर्तन करने की बात कही है। प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया है। इधर, सीओ बलजीत सिंह भाकुनी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
नए धर्मांतरण से जुड़ा कोई भी शासनादेश अभी प्राप्त नहीं हुआ है। इस मामले को धर्मांतरण के तहत नहीं गिना जा सकता। नए शासनादेश में आरोपी के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है। आदेश आने के बाद नए नियम के अनुसार कार्रवाई होगी।
- डॉ. नीलेश आनंद भरणे, डीआईजी, कुमाऊं।
उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3 में रिपोर्ट दर्ज की गई है। हालांकि इसे धर्मांतरण नहीं बल्कि धर्मांतरण के लिए दबाव की श्रेणी में रखा जा सकता है। जांच के बाद अधिनियम के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
- पंकज भट्ट, एसएसपी, नैनीताल।