उत्तराखंड में नगर निकाय चुनाव में हर निकाय में बड़ी संख्या में नाम हटा कर मतदाताओं को वोट के अधिकार से वंचित किया गया। मतदाता सूची से नाम हटाने की एक प्रक्रिया होती है। अभियान के दौरान लोगों से पूछा जाएगा कि चुनाव आयोग ने इस प्रक्रिया का पालन किया। किस आधार पर मतदाताओं के नाम काटे गए।
सप्पल ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव कराने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पर काबिज होने के लिए जनमत को चुराने का काम कर रही है। इस मौके पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक प्रीतम सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल मौजूद रहे।
जिलास्तर पर चलेगा प्रशिक्षण कार्यक्रम
प्रदेश कांग्रेस की ओर से अभियान को धार देने के लिए जिला स्तर पर पार्टी पदाधिकारियों को प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाएगी। जिसमें उन्हें मतदाता सूची से नाम हटाने व जोड़ने संबंधित प्रक्रिया व नियमों की जानकारी दी जाएगी। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 20 व 21 मार्च को आयोजित किया जाएगा।