हरदा की हाल की गतिविधियों के बाद प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने उन्हें प्रोटोकॉल याद दिलाते हुए एक पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि आप रोड शो और अन्य राजनीतिक कार्यक्रम कर रहे हैं लेकिन इसकी सूचना न तो प्रदेश अध्यक्ष को दी गई और न ही मुझे बताया गया। प्रभारी ने अनुरोध करते हुए कार्यक्रम पर रोक लगाने का इशारा भी कर दिया है।
बता दे कि कुछ माह पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए थोड़े समय के लिए ब्रेक पर थे। करीब तीन माह बाद दिल्ली अन्य प्रवासों पर स्वास्थ्य लाभ लेकर रावत लौटते हुए सक्रिय हो गए। उन्होंने हरिद्वार में एक रोडशो किया। रावत खाटी कांग्रेसी हैं और हरिद्वार सांसद रहे हैं।
लिहाजा वहां उनके तमाम समर्थक भी हैं तो रोडशो में अच्छी खासी संख्या में लोग जुड़े। इसके बाद उन्होंने कई और कार्यक्रम किए। अब वह कुमाऊं दौरे पर हैं। उनका एक कार्यक्रम अल्मोड़ा व अन्य स्थानों का प्रस्तावित भी है।
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हरदा की इस सक्रियता पर पार्टी के नेता भी असहज थे। वह पार्टी हाईकमान पर इस पर रोक लगाने का दबाव बना रहे थे ऐसी जानकारियां सामने आई थीं। अब जब प्रदेश प्रभारी का पत्र सामने आया तो सियासी गलियारों में तैरती जानकारियां पुष्ट हो गई। गत एक अक्तूबर को प्रदेश प्रभारी ने पत्र लिखकर हरदा को पार्टी के प्रोटोकॉल याद दिला दिए। उन्होंने साफ़ शब्दों में लिख दिया कि हमारे संज्ञान में आया है कि आप जो यात्राएं व कार्यक्रम कर रहे हैं उसकी जानकारी ना तो मुझे है और न ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी को। प्रभारी ने अनुरोध करते हुए इन कार्यक्रमों पर एक तरह से रोक लगाने की हिदायत भी दी है।