कांग्रेस ने 2022 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपने फ्रंटल संगठनों को भी पूरी तरह से सक्रिय होने को कहा है। कांग्रेस भवन में बृहस्पतिवार को दिन भर की मैराथन बैठक में पूर्व सीएम हरीश रावत शामिल नहीं हुए। फ्रंटल संगठनों से बातचीत में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के साथ नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने मोर्चा संभाला।
फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारियों ने नेताओं को भरोसा दिलाया कि वे पूरी तरह से पीसीसी के आग्रह पर मैदान में उतरने को तैयार हैं। प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि फ्रंटल संगठन सक्रिय होंगे तो कांग्रेस से 2022 में कोई पार नहीं पाएगा। बैठक में कुल मिलाकर छह प्रस्ताव पारित किए गए। इसी के साथ पार्टी स्तर पर पिछले तीन दिन से जारी मंथन का सिलसिला भी थम गया। अब पीसीसी अपने संगठन सचिवों से बात करेगी।
अब तैयार होगी आंदोलन की व्यापक रणनीति
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के मुताबिक प्रदेश सचिवों से बात करने के बाद कांग्रेस प्रदेश में सरकार की कमियों को सामने लाने के लिए व्यापक स्तर पर रणनीति भी तैयार करेगी। इसके बाद कांग्रेस सड़कों पर उतर कर विरोध जताएगी। इन बैठकों के जरिए कांग्रेस ने एकजुटता का संदेश दिया है जिससे कांग्रेस को भी फायदा मिला है। बैठक में पूर्व सीएम हरीश रावत शामिल नहीं हुए। कांग्रेस भवन में पूर्व सीएम की अनुपस्थिति को लेकर भी चुप्पी रही।
ये प्रस्ताव हुए पारित
-इंदिरा गांधी ट्रस्ट, राजीव गांधी ट्रस्ट एवं राजीव गांधी फाउंडेशन के साथ बदले की भावना से काम किया जा रहा है। कांग्रेस इसकी निंदा करती है और इसका पुरजोर विरोध करेगी।
-मनरेगा योजना में 250 दिन का रोजगार देने के साथ ही मजदूरी की दर 300 रुपये की जाए।
-राज्य कर्मचारियों के एक दिन की वेतन कटौती के फैसले को सरकार तत्काल प्रभाव से वापस ले।
-सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का निजीकरण तत्काल बंद किया जाए।
-प्रदेश में युवाओं के बीच बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति पर तुरंत रोक लगाई जाए।
- लॉक डाउन के समय के बिजली, पानी के बिल सहित अन्य सभी टैक्स पूरी तरह माफ हो।
ये हुए शामिल
-महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, इंटक, बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ, अनुसूचित जाति जनजाति, शिक्षक प्रकोष्ठ, पूर्व सैनिक, अल्पसंख्यक, आईटी, उद्योग व्यापार, पंचायत राज, पिछड़ा वर्ग, गोरखा प्रकोष्ठ, डाटा विश्लेषण, मनरेगा आदि के अध्यक्ष। संचालन प्रदेश महामंत्री संगठन विजय सारस्वत ने किया।