कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव 27 अक्तूबर को दून पहुंचेंगे और 29 अक्तूबर तक यहीं रहेंगे। इस दौरान प्रभारी प्रदेश के शीर्ष पार्टी नेताओं के साथ ही ब्लॉक तक के संगठन पदाधिकारियों से सीधे बात करेंगे। इस मंथन को संगठन सक्रिय करने से लेकर विधानसभा चुनाव की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। प्रदेश प्रभारी का यह पहला दौरा है, लिहाजा संगठन में भी हलचल है।
कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना के मुताबिक प्रभारी 27 से 29 अक्तूबर तक दून में रहेंगे। रविवार को कांग्रेस भवन में प्रभारी के इन तीन दिनों की बैठक को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, धीरेंद्र प्रताप, संगठन महामंत्री विजय सारस्वत, महामंत्री नवीन जोशी आदि ने समीक्षा की। करीब दो घंटे चली बैठक के दौरान प्रीतम सिंह ने विधायकों, पूर्व विधायकों सहित अन्य कांग्रेस नेताओं से टेलीफोन पर बात की।
यह है प्रभारी का कार्यक्रम
27 अक्तूबर
- पूर्व सीएम और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के साथ बैठक।
- पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, सांसद, पूर्व सांसद, एआईसीसी सदस्यों के साथ बैठक।
- अनुषांगिक संगठनों, विभागों, प्रकोष्ठों की बैठक।
- पीसीसी उपाध्यक्ष, महामंत्री और सचिवों के साथ बैठक।
28/29 अक्तूबर
- 12 अलग-अलग समूहों में संगठन जिलों के अध्यक्षों, पीसीसी अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष, जिलों के एआईसीसी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी।
सक्रियों को मिल सकती है अतिरिक्त जिम्मेदारी
प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि फिलहाल संगठन के स्तर पर वे कोई बदलाव नहीं करने जा रहे हैं। इतना जरूर है कि संगठन में सक्रिय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त जिम्मेदारी जा दी सकती है। इसके साथ ही अभी तक किनारे बैठे पदाधिकारियों को भी सक्रिय होने के लिए कहा जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक प्रभारी देवेंद्र यादव अब अपने अगले दौरे में बूथ स्तर तक संगठन को अधिक सक्रिय करने पर जोर दे सकते हैं। फिलहाल तीन दिन तक दून में ही डटे रहने का कार्यक्रम बनाकर प्रभारी ने संकेत दे दिया है कि उनकी प्राथमिकता क्या है।