अब उनकी ओर से करन माहरा को टारगेट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि शाह कई बार कार्यकर्ताओं के गुस्से का शिकार बने हैं। गरिमा ने कहा कि शाह अपनी बदजुबानी और बड़बोलेपन के लिए जाने जाते हैं। शाह के दिल्ली के जंतर-मंतर के काले कारनामे भी उनके पास पहुंचने वाले हैं, शीघ्र ही वह सबूतों के साथ सबके सामने रखेंगी।
इधर, राजेंद्र शाह ने भी पलटवार करते हुए गरिमा को स्वयंभू प्रवक्ता करार दिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने राज्य आंदोलन के दौरान दिल्ली जंतर-मंतर पर छह साल धरना दिया। इस दौरान कई संगठनों ने वहां आंदोलन किया।
गारिमा ने उनका ही नहीं सभी संगठनों और आंदोलकारियों का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने अगर किसी को कोई पद दिया है तो उसे उस पद का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो बातें गरिमा ने उनके बारे में कहीं है, यदि वह साबित नहीं करती हैं तो वह उनके खिलाफ कोर्ट जाकर मानहानि का दावा पेश करेंगे।