उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के कारणों पर मंथन के लिए बुलाई गई प्रदेश कांग्रेस समिति की बैठक को कांग्रेस के तमाम नेताओं ने गंभीरता से नहीं लिया। बैठक में जहां पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत मौजूद नहीं थे।
वहीं पार्टी के विजयी होकर आए 11 में से आठ विधायक नदारद रहे। गढ़वाल मंडल से एक भी विधायक नहीं आया। बैठक में हार की वजहों पर गंभीरता से विचार करने के बजाय अधिकांश वक्ताओं ने हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ा। बकायदा प्रस्ताव पारित करके आगे से कोई भी चुनाव ईवीएम के जरिये नहीं कराने की मांग की गई।
विधानसभा चुनाव के बाद अल्मोड़ा से करीब 40 किमी दूर एकांत झांकरसैम मंदिर परिसर में बुलाई गई पहली पीसीसी की बैठक में सिर्फ तीन विधायक डा. इंदिरा हृदयेश, गोविंद सिंह कुंजवाल और करन मेहरा ही मौजूद रहे। गढ़वाल मंडल से अधिकांश पीसीसी सदस्य भी उपस्थित नहीं रहे। दोनों राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा और महेंद्र सिंह महरा भी बैठक में नहीं आए।