कांग्रेसी पहले से ही कह रहे हैं कि कोविड को देखते हुए वे प्रदेश सरकार का सहयोग कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने भी कहा था कि सरकार पूरा ब्योरा सामने रखे।
मुन्ना सिंह चौहान ने दिया मूल वेतन
सत्ताधारी दल के विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने सीएम राहत कोष में मूल वेतन दिया। उनके दो बार के वेतन से 30-30 हजार रुपये कटे। मुन्ना सिंह चौहान ने प्रेस कांफ्रेस कर कांग्रेस पर राहत कोष में पैसे जमा न करने का आरोप जड़ा था, इसलिए वे कांग्रेस के निशाने पर भी है।
सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत विधानसभा से यह जानकारी मिली। सबसे ज्यादा हल्ला मचाने वाले मुन्ना सिंह चौहान का सहयोग ही कम नजर आ रहा है। प्रदेश सरकार क्या विपक्ष के विधायकों के बल पर ही राहत कोष को भरना चाह रही है।
- मनोज रावत, केदारनाथ विधायक और आरटीआई कार्यकर्ता