फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंडः कांग्रेस में टी 20 की तर्ज पर हो रहा है अंदरूनी खींचतान का खेल

Thu, 16 Jan 2020 03:43 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
कांग्रेस - फोटो : social media
विज्ञापन

पिछले कुछ समय का घटनाक्रम बता रहा है कि कांग्रेस में अंदरूनी स्तर पर खासी खींचतान है। अभी तक  प्रदेश में कांग्रेसी दिग्गज टी 20 की तरह खास मौकों पर खींचतान का यह मैच खेलते आए हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह अब अपनी नई टीम को मैदान में उतारने की कोशिश में जुटे हैं और यह कोशिश ही कांग्रेस में नए मैच का सबब भी बन रही है।

विज्ञापन


प्रदेश में विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व में हुए बदलाव ने इस खींचतान की पटकथा भी लिख दी थी। सत्ता किशोर उपाध्याय के हाथ से निकल कर चकराता विधायक प्रीतम सिंह के हाथ में पहुंची तो कांग्रेस नेताओें के बीच नई संधि उभर आई।

प्रीतम सिंह को नेता प्रतिपक्ष और हल्द्वानी विधायक इंदिरा हृदयेश का समर्थन मिला है। पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय अपनी अलग राह बनाने की खामोशी से कोशिश कर रहे हैं। कई मामलों में घिरे पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत अपनी स्थिति को लेकर संतुष्ट होने की कोशिश में अलग राह पर हैं।
विज्ञापन

 

विज्ञापन

कांग्रेस की भारत बचाओ, संविधान बचाओ रैली में सामने आई कड़वाहट

कांग्रेस में इन ध्रुवों के उभरने का संकेत पिछले कुछ समय के घटनाक्रम से भी मिला है। पिथौरागढ़ उप चुनाव से लेकर रुड़की नगर निगम के चुनाव में प्रत्याशी चयन में प्रीतम और इंदिरा की खासी सक्रियता रही। पिथौरागढ़ में मयूख महर को मनाने का मामला सामने आया तो हरीश रावत मुखर हो गए।

तीन धड़ों की यह टकराहट कांग्रेस की भारत बचाओ, संविधान बचाओ रैली में खुलकर सामने आई। किशोर और हरीश रावत के फोटो और बैनर गायब रहने को लेकर इन नेताओं के समर्थक अंदरखाने उलझे। कुछ हाईकमान का डर रहा कि यह टकराहट खुलकर सामने नहीं आई।

अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह नई टीम घोषित करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि नई टीम के मैदान में उतरने के तुरंत बाद ही यह अंदरूनी संघर्ष और तीखा होकर सामने आएगा। पुरानी टीम में किशोर और हरीश रावत के समर्थकों की फौज रही है और नई टीम को जंबो न बनाने का दबाव प्रीतम सिंह पर है। ऐसे में प्रीतम को कई नेताओं की नाराजगी का सामना भी करना पड़ सकता है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें