मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत की पत्नी सुनीता रावत के शैक्षिक दस्तावेजों का सत्यापन करने के लिए संबंधित शैक्षणिक संस्थानों के लिए बृहस्पतिवार को टीमें रवाना की गईं। पुलिस ने अधिकारिक रूप से उनके शैक्षिक प्रमाणपत्र हासिल कर लिए हैं। पुलिस के अनुसार उनके हाईस्कूल से लेकर बीटीसी व बीएड तक के प्रमाणपत्र विवेचक के पास पहुंच गए हैं। हालांकि, सत्यापन के लिए अभी पुलिस ने शिक्षा विभाग को पत्र नहीं लिखा है। अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर शिक्षा विभाग को भी सत्यापन के लिए लिखा जाएगा।
सुनीता रावत ने सोशल एक्टिविस्ट व पूर्व भाजपा नेता सुभाष शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। सुनीता रावत का आरोप है कि सुभाष ने उनकी शैक्षिक योग्यता पर सवाल उठाकर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है। ऐसे में सुनीता के आरोपों को सही ठहराने के लिए पुलिस को उनके शैक्षिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराना आवश्यक हो गया है। पुलिस के अनुसार शुक्रवार सुबह मुकदमे के विवेचक इंस्पेक्टर राजीव रौथाण ने अधिकारिक रूप से सुनीता रावत के हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, बीए, बीटीसी और बीएड के प्रमाणपत्रों की प्रतियां प्राप्त कर ली हैं।
इसके तत्काल बाद विभिन्न जगहों के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं। उनके हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के प्रमाणपत्रों की जांच पौड़ी के राजकीय कन्या विद्यालय में की जानी है। जबकि, एक टीम को एचएनबी गढ़वाल विवि (तत्कालीन गढ़वाल विवि) के बिरला कैंपस ( यहां से उन्होंने 1986 में बीए व 1992 में बीएड किया था) के लिए रवाना की गई है। इसके अलावा पौड़ी में ही राजकीय कन्या दीक्षा विद्यालय में उनके बीटीसी के प्रमाणपत्रों का सत्यापन किया जाना है। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि सभी जगहों के लिए अलग-अलग टीमों को रवाना किया गया है। इसके अलावा विवेचक ने दून के समाचार पत्रों की कटिंग जुटा ली हैं। इसके अलावा विभिन्न समाचार चैनलों की वीडियो रिकॉर्डिंग को भी हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है।