महीनों फाइल लटकाने के मामले में एक और अनुभाग सरकार के निशाने पर है। जांच चल रही है, यदि फाइल में देरी की कोई तार्किक वजह नहीं मिली तो इस अनुभाग में तैनात पूरे स्टाफ को बदल दिया जाएगा।
फाइलों के मामले में सचिवालय का रिकॉर्ड खराब
फाइलों के मामले में राज्य सचिवालय का रिकॉर्ड बहुत अच्छा नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी सचिवालय की कार्य प्रणाली पर अपनी व्यथा जाहिर की थी कि उनकी फाइलों की जलेबी बना दी जाती है। हालांकि उन्होंने भी ई आफिस से इस समस्या का इलाज कराने की ठानी थी। लेकिन ई आफिस शुरू नहीं हो सका।
त्रिवेंद्र सरकार का ई ऑफिस पर फोकस
सचिवालय की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए त्रिवेंद्र सरकार ने ई ऑफिस पर कार्य आरंभ किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय समेत अभी तक करीब 16 अनुभाग ही इससे जुड़ पाए हैं। माना जा रहा है कि सचिवों की बैठक में मुख्यमंत्री पूरे सचिवालय को ई आफिस से जोड़ने के लिए कोई न कोई समयसीमा तय करेंगे।
सचिवालय में फाइलों को लेकर मैंने सभी सचिवों की बैठक बुलाई है। इसमें उनके अनुभागों की फाइलों के बारे में जानकारी ली जाएगी। जिन अनुभागों में बिना किसी कारण के फाइलों को लंबे समय तक लटकाने के मामले में मिलेंगे, उनमें निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी। सचिवालय पूरे प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था का केंद्र है। हमने ई आफिस शुरू किया है। इसे जल्द से जल्द सभी अनुभागों से जोड़ा जाएगा।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड