उत्तराखंड परिवहन निगम में कर्मचारी-अधिकारियों को एसीपी का गलत लाभ देने के मामले में स्क्रीनिंग कमेटी ने सभी रोडवेज कर्मचारियों के वेतन, एसीपी, प्रमोशन से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। यह कमेटी सभी की पड़ताल करने के बाद विशेष ऑडिट की रिपोर्ट के आधार पर अपनी रिपोर्ट निगम प्रबंधन को देगी।
रोडवेज में करीब पांच साल से एश्योर्ड कॅरियर प्रमोशन यानी एसीपी में गड़बड़ी का मामला चल रहा है। लगातार शिकायतें आने के बाद शासन ने इसकी जांच के लिए विशेष ऑडिट टीम गठित की थी। ऑडिट टीम ने परिवहन मुख्यालय को 16 बिंदुओं पर जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। इस रिपोर्ट के आधार पर वित्त नियंत्रक विक्रम सिंह जंतवाल ने बिंदुवार कार्रवाई के आदेश सभी मंडलों को जारी कर दिए थे।
ऑडिट में सामने आईं आपत्तियों के बाद परिवहन निगम के एक हजार से अधिक अधिकारी व कर्मचारी रिकवरी की जद में आ चुके हैं। इनमें रोडवेज के डीजीएम से लेकर कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारी, अधिकारी, समूह-घ कर्मचारी, वर्कशॉप में काम करने वाले फीटर, मैकेनिक, फोरमैन, सीनियर फोरमैन आदि शामिल हैं। मामले में उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन की ओर से इस ऑडिट रिपोर्ट पर आपत्ति जताई गई थी। लिहाजा, रोडवेज के एमडी रणबीर सिंह चौहान ने इन सभी मामलों के परीक्षण के लिए एक स्क्रीनिंग कमेटी का गठन कर दिया था।
अब कमेटी ने रोडवेज प्रबंधन से सभी कर्मचारियों के दस्तावेज मांगे हैं। इन दस्तावेजों को दोबारा परखने के बाद कमेटी अपनी रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट पर परिवहन निगम प्रबंधन दोबारा कार्रवाई के आदेश जारी करेगा। परिवहन निगम के महाप्रबंधक संचालन दीपक जैन ने बताया कि स्क्रीनिंग कमेटी ने सभी दस्तावेज मांगे हैं। इनकी जांच में थोड़ा समय लगेगा। जब रिपोर्ट आएगी तो उसी हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी।