फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड: घाटे में चल रहे परिवहन निगम को राहत, सीएम ने दी 24.72 करोड़ रुपये की मंजूरी

Fri, 05 Feb 2021 10:07 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

लगातार घाटे में चल रहे उत्तराखंड परिवहन निगम के कर्मचारियों का पांच माह से चल रहा वेतन का इंतजार खत्म हो सकता है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पर्वतीय क्षेत्र में बस संचालन की हानि की प्रतिपूर्ति के तौर पर निगम को 24 करोड़ 72 लाख रुपये देने को मंजूरी दे दी है। इससे पूर्व भी करीब ढाई करोड़ रुपये जारी किए गए थे।

विज्ञापन


दरअसल, पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रियों की कम संख्या और लंबे रूट होने के चलते परिवहन निगम को बस संचालन में हानि होती है। इस हानि की प्रतिपूर्ति सरकार करती है। इसी क्रम में शुक्रवार को निगम ने 24 करोड़ 72 लाख रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है।

दो दिन पहले भी मुख्यमंत्री ने निगम को करीब ढाई करोड़ रुपये बतौर विशेष योजनाओं के जारी किए थे। वहीं, उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश महामंत्री अशोक चौधरी ने मांग की है कि विशेष श्रेणी संविदा कर्मचारियों को दो माह और नियमित कर्मचारियों को एक माह का वेतन जल्द जारी किया जाए।
विज्ञापन


रोडवेज को 24 करोड़ देने पर सीएम का आभार जताया
निगम कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गोसाईं और प्रदेश महासचिव बीएस रावत ने पर्वतीय क्षेत्र के घाटे और जनकल्याणकारी योजनाओं के बतौर 24 करोड़ 40 लाख रुपये की फाइल को स्वीकृति देने पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का आभार जताया।

उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी बजट में निगम के लिए कम से कम 200 करोड़ की घोषणा की जाएगी, जिससे निगम में सेवानिवृत्त कर्मचारी और कार्यरत कर्मचारियों का पांच माह का वेतन का भुगतान हो सके। उन्होंने सीएम और कैबिनेट से यह भी अनुरोध किया है कि जीएमवीएन, केएमवीएन, जल निगम, वन विकास निगम के लिए भी अधिक बजट की व्यवस्था की जाए।

विज्ञापन

रोडवेज एसीपी मामले में स्क्रीनिंग कमेटी ने कर्मचारियों के दस्तावेज मांगे

उत्तराखंड परिवहन निगम में कर्मचारी-अधिकारियों को एसीपी का गलत लाभ देने के मामले में स्क्रीनिंग कमेटी ने सभी रोडवेज कर्मचारियों के वेतन, एसीपी, प्रमोशन से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। यह कमेटी सभी की पड़ताल करने के बाद विशेष ऑडिट की रिपोर्ट के आधार पर अपनी रिपोर्ट निगम प्रबंधन को देगी।

रोडवेज में करीब पांच साल से एश्योर्ड कॅरियर प्रमोशन यानी एसीपी में गड़बड़ी का मामला चल रहा है। लगातार शिकायतें आने के बाद शासन ने इसकी जांच के लिए विशेष ऑडिट टीम गठित की थी। ऑडिट टीम ने परिवहन मुख्यालय को 16 बिंदुओं पर जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। इस रिपोर्ट के आधार पर वित्त नियंत्रक विक्रम सिंह जंतवाल ने बिंदुवार कार्रवाई के आदेश सभी मंडलों को जारी कर दिए थे।

ऑडिट में सामने आईं आपत्तियों के बाद परिवहन निगम के एक हजार से अधिक अधिकारी व कर्मचारी रिकवरी की जद में आ चुके हैं। इनमें रोडवेज के डीजीएम से लेकर कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारी, अधिकारी, समूह-घ कर्मचारी, वर्कशॉप में काम करने वाले फीटर, मैकेनिक, फोरमैन, सीनियर फोरमैन आदि शामिल हैं। मामले में उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन की ओर से इस ऑडिट रिपोर्ट पर आपत्ति जताई गई थी। लिहाजा, रोडवेज के एमडी रणबीर सिंह चौहान ने इन सभी मामलों के परीक्षण के लिए एक स्क्रीनिंग कमेटी का गठन कर दिया था।

अब कमेटी ने रोडवेज प्रबंधन से सभी कर्मचारियों के दस्तावेज मांगे हैं। इन दस्तावेजों को दोबारा परखने के बाद कमेटी अपनी रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट पर परिवहन निगम प्रबंधन दोबारा कार्रवाई के आदेश जारी करेगा। परिवहन निगम के महाप्रबंधक संचालन दीपक जैन ने बताया कि स्क्रीनिंग कमेटी ने सभी दस्तावेज मांगे हैं। इनकी जांच में थोड़ा समय लगेगा। जब रिपोर्ट आएगी तो उसी हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें