मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आज शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक के साथ प्रशासनिक अधिकारियों और अखाड़ा परिषद के संतों के साथ 2021 में होने वाले कुंभ मेला की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस अवसर पर सीएम ने सारी व्यवस्थाएं समय पूरी कर लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों में आपसी तालमेल बनाने और संतों के साथ भी समुचित समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए।
मायादेवी मंदिर में छड़ी यात्रा प्रारंभ करने के बाद सीसीआर में आयोजित कुंभ मेले की समीक्षात्मक बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अभी तक बनाई गई कार्ययोजना के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि गंगा की स्वच्छता पर विशेष फोकस रखे जाने की जरूरत है। साथ ही शहर की स्वच्छता, निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ केबिल लैस होगा। कहा कि कुंभ मेले में लगभग 12 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं करने की जरूरत है।
कुंभ मेले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही नेत्र चिकित्सा के साथ नेत्र कुंभ भी आयोजित किया जायगा। निर्देश दिए कि सड़क बनने से पूर्व सभी विभाग अपने से संबंधित कार्यों को पूरा करा लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेले के भव्य आयोजन के लिए अखाड़ा परिषद् ने बड़ी सोच के साथ नील धारा में कुंभ के आयोजन का प्रस्ताव रखा है। कुंभ के दौरान सभी अखाड़ों को शाही स्नान के दौरान कोई कठिनाई न हो इसका ध्यान रखा जायगा। इस संबंध में अखाड़ों को आवागमन में कोई टकराव न हो इसकी भी पहले से ही व्यवस्था की जाय।
शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि कुंभ मेले की सफलता सभी के सामूहिक प्रयासों से जुड़ी है। इस कुंभ में बेहतर व्यवस्थायें कर देश व दुनिया के श्रद्धालुओं को आवश्यक व्यवस्थाएं करानी होगी। सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझे। उन्होंने संत महात्माओं के सुझावों पर भी ध्यान देने को कहा। अखाड़ा परिषद् के अध्यक्ष श्री महंत नरेन्द्र गिरि तथा महामंत्री श्री महंत हरिगिरि ने कुंभ क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने, आंतरिक सड़कों के निर्माण, साफ सफाई, पेयजल पेशवाई मार्गों के निर्माण, मेला क्षेत्र की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करने, अखाड़ों को भूमि उपलब्ध कराने, अखाड़ों के निर्माण के लिये आवश्यक धनराशि की उपलब्धता कराने की बात कही।
बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, सचिव नगर विकास शैलेश बगोली, गढ़वाल आयुक्त रविनाथ रमन, कुंभ मेलाधिकारी दीपक रावत, आईजी मेला संजय गुंज्याल, अखाड़ा परिषद् के अध्यक्ष श्री महंत नरेंद्र गिरि, महामंत्री श्री मंहत हरिगिरी सहित सभी अखाड़ों के प्रतिनिधि तथा सभी संबंधित अधिकारी मौजूद थे।