फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand: सीएम हेल्पलाइन, रसोई गैस सिलिंडर रिफिल की शिकायतें बढ़ीं, पहली बार टॉप-10 समस्याओं में शामिल

Fri, 31 Jul 2026 07:59 AM IST
Renu Saklani अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

उत्तराखंड में सीएम हेल्पलाइन 1905 पर पहली बार रसोई गैस सिलिंडर रिफिल में देरी और आपूर्ति से जुड़ी शिकायतें शीर्ष-10 समस्याओं में शामिल हुई हैं। समीक्षा में शिकायतों के निस्तारण में रुद्रप्रयाग सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला जिला रहा, जबकि कई मैदानी जिले इस मामले में पीछे रह गए।
विज्ञापन
बैठक - फोटो : सूचना
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा की है, उसमें पहली बार शीर्ष-10 में रसोई गैस सिलिंडर न भरने की शिकायतें आईं हैं। यह आंकड़ा 69.3 प्रतिशत पर रिकॉर्ड हुआ है। वहीं, शिकायतों का समाधान करने में रुद्रप्रयाग जिला सबसे आगे है जबकि मैदानी जिले फिसड्डी हैं।

सीएम हेल्पलाइन की रिपोर्ट में इस बार की रिपोर्ट में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के तहत रसोई गैस सिलिंडर रिफिल से जुड़ी शिकायतें पहली बार शीर्ष-10 मुख्य समस्याओं में शामिल हुई हैं, जबकि पिछले दो वर्षों में यह कभी प्रमुख शिकायतों का हिस्सा नहीं थीं। इस श्रेणी में 69.3 प्रतिशत तक का निस्तारण दर्ज किया गया है। इसके अलावा पानी न आने, बिजली कटौती और बिल संशोधन से जुड़ी शिकायतें भी बड़ी संख्या में प्राप्त हुई हैं।

रुद्रप्रयाग सबसे आगे, ऊधम सिंह नगर सबसे नीचे

जिलावार सीएम हेल्पलाइन में आई शिकायतों के निपटारे का प्रतिशत देखें तो रुद्रप्रयाग 36.71 प्रतिशत सफल निस्तारण के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद 36.22 प्रतिशत के साथ टिहरी गढ़वाल दूसरे और 35.76 प्रतिशत के साथ पौड़ी गढ़वाल तीसरे स्थान पर है। देहरादून में निस्तारण का प्रतिशत 32.28 प्रतिशत रहा। वहीं, सूची में सबसे निचले पायदान पर 21.80 प्रतिशत के साथ नैनीताल और 21.08 प्रतिशत के साथ ऊधम सिंह नगर रहे।

शिकायतें बढ़ीं, निपटारे का समय घटा

वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के तुलनात्मक आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल की तुलना में इस बार कुल शिकायतों की संख्या बढ़ी है (2024-25 में 1,68,511 के मुकाबले 2025-26 में बढ़कर 2,23,001 हुईं)। इसके बावजूद, प्रमुख विभागों में शिकायतों के निस्तारण का औसत समय काफी कम हुआ है। उदाहरण के तौर पर राजस्व विभाग में जो मामले पहले औसतन 90 दिनों में निपटते थे, वे अब 54 दिनों में हल हो रहे हैं।

 

 

विज्ञापन
विज्ञापन

शीर्ष-10 शिकायतों वाले विभाग

शिकायत विभाग प्रतिशत

रसोई गैस रिफिलिंग
खाद्य आपूर्ति 70.7
बिजली कटौती  यूपीसीएल 53
जांच की मांग  राजस्व विभाग 52.2
पानी न आना  जल संस्थान 50.3
मीटर बदलाव यूपीसीएल 44.3
पानी न आना पेयजल निगम 42.1
शिकायती पत्र  गृह विभाग 40
क्षेत्र समस्याएं  लोक निर्माण 37.3
अत्यधिक बिल यूपीसीएल 37.3
अवैध सेवा समाप्ति श्रम विभाग 37

ये भी पढे़ं...Uttarakhand: भारी बारिश और बाढ़ की चेतावनी, सात जिलों में प्रशासन हाई अलर्ट पर; आज रुद्रप्रयाग में स्कूल बंद

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें