सरकार ने राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2023 में वैश्विक निवेशक सम्मेलन में 3.56 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव पर एमओयू किया। इसमें एक लाख करोड़ के निवेश को धरातल पर उतारने में कामयाबी मिली है। पहले राज्य में विनिर्माण उद्योग लगाने के लिए अलग-अलग विभागों से अनुमति लेनी पड़ती थी। अब सिंगल विंडो सिस्टम से इसे आसान बनाया गया है। स्टार्टअप को इनक्यूबेशन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 60 करोड़ की लागत से विश्वस्तरीय यू-हब की स्थापना की जा रही है। इसके अलावा 200 करोड़ का वेंचर फंड की स्थापित किया जा रहा है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के रुद्रपुर, सेलाकुई व हरिद्वार में कम लागत वाली फ्लैटेड फैक्टरी तैयार की जा रही है। किच्छा फार्म में हजार एकड़ से अधिक भूमि पर एक स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित पर काम किया जा रहा है। प्रदेश में 260 से अधिक व्यावसायिक सेवाओं को ऑनलाइन किया गया। देहरादून में 28 से 30 नवंबर 2025 तक आपदा प्रबंधन पर विश्व शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें विशेषज्ञ जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर चर्चा करेंगे।