बैठक में सीएम ने कहा कि एचआईवी की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए निर्धारित विशेष दिवसों पर जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के एचआईवी संक्रमित व्यक्ति (मूल या स्थायी निवासी) एवं राज्य में एआरटी केंद्रों में इलाज करवा रहे हैं, उनको आर्थिक सहायता के लिए एक हजार रुपये पेंशन प्रदान की जाएगी।
बैठक में कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने कहा कि युवा वर्ग में एड्स का प्रमुख कारण ड्रग्स है। इसके लिए आवश्यक है कि युवा वर्ग को इसके प्रति जागरूक किया जाए। साथ ही पुलिस विभाग लगातार एंटी ड्रग्स अभियान चलाए। इस अवसर पर सचिव नितेश झा, बीके संत, अपर सचिव युगल किशोर पंत सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बता दें कि प्रदेश में ऐसे चार हजार लोग हैं, जिन्हें इस पेंशन का लाभ मिलेगा।