अब अफसरों की सरकारी योजनाओं के बारे में भ्रामक सूचना देना संभव नहीं होगा। इसके अलावा फाइल पर फैसला लेने में देरी क्यों हुई? इसका भी जवाब देना होगा। यह संभव होगा सीएम डैश बोर्ड से, जिसे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस और गुड गवर्नेंस डे के अवसर पर शुरू किया जा रहा है। इसका शुभारंभ सोमवार को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत करेंगे।
पर्वतीय क्षेत्रों में कई योजनाओं की भौतिक सत्यापन करना संभव नहीं होता है। कई बार अफसरों की बात और फाइल पर दर्ज सूचनाओं को मानना मजबूरी होता है। बहरहाल, अब योजनाओं पर मुख्यमंत्री डैश बोर्ड के माध्यम से सीधे नजर रख सकेंगे।
डैश बोर्ड में हर विभाग को अपनी योजना, उसकी प्रतिदिन की प्रगति, अगर योजना या फाइल रुकी है, तो उसका कारण स्पष्ट करना होगा। साथ ही कार्यस्थल की फोटो और फिल्म आदि भी अपलोड करना होगा।
ऐसे में बहानेबाजी और भ्रामक जानकारी देना आसान नहीं होगा। डैश बोर्ड में वीडियो कान्फ्रेंसिंग की सुविधा भी होगी, जिसके माध्यम से सीएम सीधे अधिकारियों से बातचीत भी कर सकेंगे। डैश बोर्ड को आईटीडीए के सहयोग से तैयार किया गया है।