सूत्रों के मुताबिक प्रदेश में कर्मचारियों के खाते ऑनलाइन हैं और ऐसे में उनके खातों में पैसे डालने में बहुत ही कम समय लगता है। संभावना है कि पंचायत आचार संहिता के समाप्त होते ही शासन के स्तर से आदेश जारी हो जाएगा।
प्रदेश में करीब 40 हजार निगम कर्मचारी भी हैं, जिनकी ओर से अब डीए और बोनस की मांग प्रमुखता से उठेगी। वर्तमान में औद्योगिक विकास विभाग की ओर से आदेश जारी होने के बाद ही इनको निगमों की ओर से डीए का भुगतान किया जाता है। यह डीए देने में भी निगम अपने संसाधनों का आकलन करते हैं। निगम कर्मियों का कहना है कि इस प्रक्रिया में समय लगता है। इनकी ओर से निगम कर्मियों को भी अन्य कर्मचारियों के साथ ही डीए देने की मांग की गई है।