इस बार अप्रैल में भी उच्च हिमालयी क्षेत्र के साथ ही छिपलाकेदार आदि ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई। जाड़ों के मौसम में हर साल छिपलाकेदार की चोटी में बर्फ जमा रहती है, लेकिन बर्फबारी के कुछ दिनों बाद पिघल जाती थी। इस बार जनवरी के महीने से ही छिपलाकेदार की चोटी पर बर्फ जमा है। इसका कारण लगातार और अधिक बर्फबारी होना माना जा रहा है।
बुजुर्गों के अनुसार, इस बार की जैसी बर्फबारी वर्ष 2004 और 1984 में हुई थी। कई साल के बाद ऐसा देखने को मिला है कि अप्रैल के महीने में भी गरम कपड़े पहने जा रहे हैं।