मुख्य सचिव ने कहा कि लिंगानुपात में सुधार के लिए प्रोएक्टिव होकर काम करना होगा। इससे संबंधित सभी विभागों को आपस में समन्वय बनाकर कार्य करना होगा। उन्होंने महिलाओं में आयरन की कमी एवं कुपोषण के साथ ही, मातृ मृत्यु दर को कम किए जाने के लिए लगातार प्रयास करने की बात कही। उन्होंने वन स्टॉप सेंटर को और अधिक सक्रिय करने के भी निर्देश दिए। कहा कि वन स्टॉप सेंटर में पंजीकृत केसों में से कितनों में चार्जशीट दाखिल हुई, कितनों में सजा हुई, इसका भी ब्योरा दिया जाना चाहिए।
बालिकाओं के ड्राप आउट के कारण जानें, निदान करें
मुख्य सचिव ने कहा कि ड्रॉप आउट बालिकाओं के ड्रॉप आउट करने के कारणों को जानकर उनके निराकरण के प्रयास किए जाने चाहिए। ड्रॉप आउट करने वाले बच्चों में अधिकतर प्रवासी और मजदूरों के बच्चे होते हैं, ऐसे में उनके लिए नोन-फार्मल एजुकेशन पर विचार किया जा सकता है।