मंत्रियों के साथ ही प्रदेश सरकार पर भी अच्छे प्रदर्शन का दबाव है। विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। सरकार ने विकास का जो एजेंडा तय किया , कोरोना के कारण उसे झटका लगा है। सरकार के सामने अब दोहरी चुनौती है। उसे चुनावी तैयारी के साथ विकास के एजेंडे को भी धरातल पर उतारना है। ये तभी मुमकिन हो पाएगा जब सभी विभागीय मंत्री एक टीम की तरह परफार्म करेंगे।
मंत्रियों के कुछ विभागों की गति तेज है तो कुछ विभाग कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। बैठक में मंत्रियों पर परफार्म करने का दबाव बढ़ सकता है। गाहे-बगाहे ये आरोप भी लगते रहे हैं कि अफसरशाही की अरुचि और सिस्टम की सुस्त चाल परफारमेंस के आड़े आ रही है। समीक्षा बैठक में इन मसलों पर भी चर्चा हो सकती है।
इन मुद्दों पर होगी समीक्षा
-विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों की अब तक प्रगति।
-संचालित हो रही योजनाओं का आउटकम।
-सरकार के प्राथमिक कार्यों की प्रगति
-भावी कार्य योजना
-इस पर आधारित एक प्रस्तुतिकरण भी देना होगा
मंत्री तिथि
मदन कौशिक 29 अक्तूबर
सुबोध उनियाल 02 नवंबर
अरविंद पांडेय 03 नवंबर
डॉ.हरक सिंह रावत 04 नवंबर
सतपाल महाराज 05 नवंबर
रेखा आर्य 11 नवंबर
डॉ. धन सिंह रावत 12 नवंबर
यशपाल आर्य 18 नवंबर
नोट: 29 अक्तूबर की बैठक अपराह्न चार बजे और बाकी सभी सुबह 9.30 बजे से होंगी
समीक्षा बैठकों के बाद जिलों के दौरे पर निकलेंगे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत समीक्षा बैठके करने के बाद जिलों के दौरों पर निकलेंगे। वह जिलों में जाकर विकास कार्यों की जमीनी हकीकत का पता लगाएंगे। इस दौरान वह कार्यकर्ताओं की बैठक भी लेंगे।