फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंडः तीरथ सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार आज, ये हैं संभावित मंत्री, जानिए इनके बारे में...

Fri, 12 Mar 2021 04:43 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
1 of 13
ये हैं संभावित मंत्री - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री पद पर ताजपोशी के बाद तीरथ सिंह रावत के मंत्रिमंडल का विस्तार आज शुक्रवार को हो जाएगा। उनके मंत्रिमंडल में 11 मंत्री होंगे। शुक्रवार को शाम पांच बजे मंत्री राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में शपथ लेंगे। मदन कौशिक को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। उनसे पहले कालाढूंगी से विधायक बंशीधर भगत प्रदेश अध्यक्ष थे। कहा जा रहा है कि बंशीधर भगत को नए मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है। इन 11 मंत्रियों को संभावित नाम कुछ इस प्रकार हैं।

ये हैं संभावित मंत्रियों के नामः

विशन सिंह चुफाल डीडीहाट विधायक
- 1982 में बांकू गांव के ग्राम प्रधान बने।
- 1983 में डीडीहाट ब्लाक के ब्लाक प्रमुख बने।
- 1989 में पहली बार विधायक का चुनाव लड़ा, हार गये।
- 1996 में फिर भाजपा टिकट पर विधायक का चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।
- उत्तराखंड गठन के बाद 2000 से 2002 तक कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) के अध्यक्ष रहे।
- 2003 से 2007 तक विधायक रहे।
- 2007 से 2012 तक पहले ढाई साल कैबिनेट मंत्री रहे, फिर अगले ढाई साल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे।
- 2013 से 2017 तक विधायक रहे। 2017 में फिर लगातार पांचवी बार विधायक बने।
विज्ञापन

2 of 13
सुबोध उनियाल - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
सुबोध उनियाल नरेंद्र नगर विधायक
- पिता : धर्मानंद उनियाल
- माता : सुशीला देवी
- मूल निवासी : उणी गांव
- जन्म : 26 जुलाई 1960
- शैक्षिक योग्यता : स्नातकोत्तर, सिविल इंजीनियरिंग
- 1981 में राष्ट्रीय लोकदल यूपी के प्रदेश मंहामत्री रहे।
- 1991 से 98 तक यूपी कांग्रेस कमेटी के सयुंक्त मंत्री रहे।
- 2000 में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रांतीय महामंत्री रहे।
- वर्ष 2002 में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर नरेंद्रनगर से पहली बार विधायक निर्वाचित हुए।
- वर्ष 2002 में मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के पर्यटन सलाहकार रह चुके हैं।
- वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में उक्रांद प्रत्याशी ओम गोपाल रावत से चुनाव हार गए थे।
- वर्ष 2012 में दूसरी बार नरेंद्रनगर विधानसभा से विधायक निर्वाचित हुए।
- वर्ष 2016 में  हरीश रावत सरकार में बगावत होने के बाद भाजपा में शामिल हो गए थे।
- वर्ष 2017 में नरेंद्रनगर विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीतकर विधायक बने। 18 मार्च 2017 को कृषि मंत्री का दायित्व मिला।
विज्ञापन

3 of 13
यशपाल आर्य - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
यशपाल आर्य बाजपुर विधायक
 - यशपाल आर्य वर्तमान उत्तराखंड सरकार में परिवहन मंत्री हैं।
- पूर्व में उत्तराखंड विधानसभा के अध्यक्ष रहे हैं।
- यशपाल आर्य पहली बार 1989 में खटीमा सितारगंज सीट से विधायक बने थे।
- वह काफी समय तक कांग्रेस पार्टी में भी रहे हैं।
 

4 of 13
सतपाल महाराज - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
सतपाल महाराज चौबट्टाखाल विधायक
- 90 के दशक में सतपाल महाराज ने कांग्रेस से राजनीति की शुरुआत की।
- देवेगौड़ा और गुजराल सरकार में सतपाल महाराज केंद्र में राज्य मंत्री रहे।
- उत्तराखंड में तिवारी सरकार में सतपाल महाराज 20 सूत्रीय कार्यक्रम के अध्यक्ष रहे।
- 2004 में सांसद का चुनाव भी नहीं लड़ा।
- 2009 में सतपाल महाराज गढ़वाल सीट से सांसद चुने गए।
- 2014 में बीजेपी में शामिल हो गए।
- 2017 में चौबट्टाखाल सीट से विधायक चुने गए, फिर त्रिवेंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री बने।
 
विज्ञापन

5 of 13
महेंद्र भट्ट - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
महेंद्र भट्ट बदरीनाथ विधायक
- उम्रः 47 वर्ष 
- शिक्षाः एमए 
- गांवः ब्राह्मण थाला (पोखरी) 
- 2007 में नंदप्रयाग के विधायक रहे।
- छात्र राजनीति में सक्रिय रहे।
- आरएसएस में मजबूत पकड़ है।
- लंबे समय से भाजपा प्रदेश कार्यसमिति में शामिल हैं।

 
विज्ञापन

6 of 13
पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
पुष्कर सिंह धामी खटीमा विधायक
- पुष्कर सिंह धामी का जन्म पिथौरागढ़ के टुंडी गांव में हुआ।
- कॉलेज के दिनों में ही एबीवीपी से जुड़ गए थे।
- 1990 से 1999 तक वो एबीवीपी में विभिन्न पदों पर रहे।
- दो बार भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे। 
- धामी महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के करीबी माने जाते हैं।
- साल 2001 में कोश्यारी सरकार के दौरान धामी मुख्यमंत्री के ओएसडी (विशेष कार्य अधिकारी) भी रह चुके हैं। 

 
विज्ञापन

7 of 13
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के साथ ऋतु खंडूरी - फोटो : सोशल मीडिया
ऋतु खंडूरी यमकेश्वर विधायक
- ऋतु खंडूरी भूषण का जन्म नैनीताल में 29 जनवरी 1965 को एक फौजी परिवार में हुआ। 
- मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के राधाबल्लभ पुरम गांव के निवासी उनके पिता मेजर जनरल (रिटा.) भुवन चंद्र खंडूरी तब एक फौजी ऑफिसर थे। 
- शुरुआती शिक्षा अपने पिता की फौजी पोस्टिंग के साथ विभिन्न स्थानों पर हुई।
- मेरठ के रघुनाथ गर्ल्स कॉलेज से ग्रैजुएशन की डिग्री हासिल की।
- राजस्थान विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन किया और दिल्ली से पत्रकारिता में डिप्लोमा प्राप्त किया।
- 2006 से 2017 तक उन्होंने नोएडा स्थित एमिटी विश्वविद्यालय में फैकल्टी के रूप में भी कार्य किया।

8 of 13
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत - फोटो : Bansidhar Bhagat / Facebook Page
बंशीधर भगत कालाढूंगी विधायक
- बंशीधर भगत अब तक छह बार विधायक बन चुके हैं।
- वह वर्ष 1975 में जनसंघ पार्टी से जुड़े। इसके बाद उन्होंने किसान संघर्ष समिति बनाकर राजनीति में प्रवेश किया।
- राम जन्मभूमि आंदोलन में वह 23 दिन अल्मोड़ा जेल में रहे।
- 1989 में उन्होंने नैनीताल-ऊधमसिंह नगर के जिला अध्यक्ष का पद संभाला।
- 1991 में वह पहली बार उत्तर प्रदेश विधानसभा में नैनीताल से विधायक बने।
- 1993 व 1996 में तीसरी बार नैनीताल के विधायक बने।
- उत्तर प्रदेश सरकार में खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री, पर्वतीय विकास मंत्री, वन राज्य मंत्री का कार्यभार संभाला।
- 2000 में राज्य गठन के बाद वह उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री रहे।
- 2007 में हल्द्वानी विधानसभा से वह चौथी बार विधायक बने। उत्तराखंड सरकार में उन्हें वन और परिवहन मंत्री बनाया गया।
- 2012 में परिसिमन कालाढूंगी विधानसभा से फिर जीते।
- 2017 के विधानसभा चुनाव में छठी जीत दर्ज की।
- इसके बाद वह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भी रहे।
- बंशीधर भगत रामलीला मंचन में राजा दशरथ के पात्र का अभिनय करते हैं। 

9 of 13
स्वामी यतीश्वरानंद - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
यतीश्वरानंद हरिद्वार ग्रामीण विधायक
- स्वामी यतीश्वरानंद करनाल जिले के गांव कैमला के रहने वाले हैं।
- 18 साल पहले गांव छोड़ दिया था। देश सेवा को प्राथमिकता दी और शादी नहीं की।
- वे उत्तराखंड विधानसभा की हरिद्वार ग्रामीण सीट से लगातार दूसरी बार चुनाव जीते हैं।
- उन्होंने उत्तराखंड के दिग्गज नेता एवं निवर्तमान सीएम हरीश रावत को 12997 मतों से हराया थ। 
- स्वामी यतीश्वरानंद ने संस्कृत में पीएचडी की है।
- पांच भाइयों में स्वामी यतीश्वरानंद सबसे छोटे हैं।

10 of 13
हरक सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
हरक सिंह रावत कोटद्वार विधायक
- हरक सिंह रावत पहले कांग्रेस में थे, लेकिन कांग्रेस से बागी होकर उन्होंने बीजेपी का दामन थामा था।
- हरक को बीजेपी ने कोटद्वार से अपना उम्मीदवार बनाया।
- कांग्रेस की तरफ से राज्य के मंत्री भी रह चुके हैं।
- कहा जाता है कि 2016 में हरीश रावत की सरकार पर आए संकट की वजह भी हरक ही थे।

11 of 13
धन सिंह रावत - फोटो : facebook.com/drdhansinghrawat
धनसिंह रावत श्रीनगर विधायक
- धन सिंह रावत 2007 में हुए विधानसभा चुनाव में पहली बार श्रीनगर से विधायक बने।
- मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के रहने वाले धन सिंह रावत का जन्म सात अक्तूबर 1971 को हुआ था। 
- राम जन्मभूमि आंदोलन में सक्रिय रहे रावत बाल विवाह विरोधी और शराब निषेध जैसे आंदोलनों से भी जुड़े रहे हैं।
- उत्तराखंड को राज्य बनाने के लिए हुए आंदोलन में उनकी सक्रिय भागीदारी थी। इस दौरान वह दो बार जेल भी गए थे।
- रावत का राजनीति में प्रवेश छात्र जीवन में ही एबीवीपी (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) के साथ हुआ था। धन सिंह रावत ने राजनीति विज्ञान से पीएचडी की है।
- त्रिवेंद्र सरकार में उनके पास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), सहकारिता, प्रोटोकॉल और दुग्ध विकास विभाग है।

12 of 13
गणेश जोशी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
गणेश जोशी मसूरी विधायक
-गणेश जोशी का जन्म 25 फरवरी, 1958 को एक सैनिक परिवार में हुआ।
-गढ़वाल राइफल रेजीमेंट में एक सैनिक के रूप में देश की सेवा की। उत्कृष्ठ सेवा के लिए सेवा मैडल भी मिला। जून 1983 में अस्वस्थता के कारण सेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्त हुए।
- 2000-2002 वे जिला जनरल सचिव, भारतीय जनता पार्टी, देहरादून महानगर बन गए।
- 2007 वे राजपुर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक चुने गए।
- 2009 उन्हें उत्तराखंड विधानसभा की आवास समिति के अध्यक्ष के रूप में मनोनीत किया गया।
-2012 वे मसूरी निर्वाचन क्षेत्र से उत्तराखंड विधानसभा के लिए चुने गए। 
- 2017 कांग्रेस पार्टी की गोदावरी थापली को 12,077 मतों के अंतर से हराकर वे मसूरी निर्वाचन क्षेत्र से उत्तराखंड विधानसभा के लिए चुने गए।
विज्ञापन

13 of 13
बलवंत भौर्याल - फोटो : फाइल फोटो
बलवंत भौर्याल विधायक कपकोट
- बलवंत सिंह भौर्याल का जन्म- 15 अगस्त 1960 को हुआ था। उनके पिता का नाम विजे सिंह भौर्याल है। 
- ग्राम कुरौली (दुगनाकुरी) बागेश्वर के रहने वाले भौर्याल ने हाईस्कूल की शिक्षा  वर्ष 1976 में लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज सनेती (बागेश्वर) से उत्तीर्ण की। 
- वर्ष 1975 में ग्राम प्रधान चुने गए।
- वर्ष 1997 में भाजपा के जिला महामंत्री रहे।
- वर्ष 1998 से 2002 तक बागेश्वर के जिला पंचायत अध्यक्ष रहे। इसी दौरान भजपा जिलाध्यक्ष भी रहे
- वर्ष 2003 से 2007 तक भाजपा के प्रदेश संयोजक रहे।
- वर्ष 2007 से 2012 तक कांडा के विधायक रहे।
- 2007 से 2009 तक राज्यमंत्री, 2009 से 2012 तक कैबिनेट मंत्री रहे।
- वर्ष 2012 का चुनाव कपकोट से कांग्रेस के ललित फर्स्वाण से हारे।
- वर्ष 2012 से 15 तक पिथौरागढ़ भाजपा के जिला प्रभारी रहे।
- 2015 में भाजपा के प्रदेश सदस्यता प्रमुख चुने गए।
- वर्ष 2017 में कपकोट से विधायक चुने गए।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें