टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पूरे 70 घंटे बाद रविवार रात करीब आठ बजे खुल सका। बाराकोट के नजदीक भारतोली, मोकोट और लीसा डिपो क्षेत्र पर गिरी पहाड़ी से बृहस्पतिवार रात से यह सड़क बंद थी। भारतोली का मलबा शनिवार को हटा लिया गया था, लेकिन शेष दो जगहों में आए भारी-भरकम मलबे को भारी मशक्कत के बाद रविवार रात को हटाया जा सका।
इसके बाद इस एनएच पर आवाजाही सुचारु हो सकी। इससे परेशान लोगों को राहत मिली है। सड़क बंद होने से तीन दिन तक एनएच पर (पिथौरागढ़ से टनकपुर और लोहाघाट से पिथौरागढ़ की तरफ) वाहनों की आवाजाही बंद रही। यहां से गुजरने वाले वाहनों को दन्या-देवीधुरा होते हुए जाने को मजबूर होना पड़ा। जिसके लिए वाहनों को 30 किमी के सापेक्ष 140 किमी तय करनी पड़ी।
भारी बारिश से एनएच में बाराकोट के पास भारतोली और दो अन्य जगह बृहस्पतिवार रात दस बजे पहाड़ गिर गया था। मलबे को हटाने के लिए एनएच खंड ने छह जेसीबी और पोकलैंड लगाई और आज इस मलबे को हटाने में अंतत: सफलता मिली। एनएच खंड के ईई एलडी मथेला का कहना है कि का कहना है कि रविवार रात आठ बजे मलबे को साफ कर मार्ग को सुचारू कर दिया गया।