ऋषि गंगा की आपदा से सैकड़ों परिवार प्रभावित हुए हैं। एनटीपीसी की तपोवन-विष्णुगाड परियोजना में कार्यरत 115 संविदा श्रमिक अभी भी लापता हैं, जबकि राज्य सरकार की ओर से 24 श्रमिक मृत घोषित किए जा चुके हैं।
एनटीपीसी की दो महिला कर्मचारी प्रतिभा सिंह और किनाश्री पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाने के लिए उनके घर जा रही हैं। जरूरतमंद परिवारों को एनटीपीसी की ओर से राशन व अन्य जरूरी सामग्री भी दी जा रही है। कंपनी के कार्यकारी निदेशक (मानव संसाधन) एमएसडी भट्टामिश्रा ने बताया कि दोनों महिला कर्मचारियों को दिल्ली से तपोवन क्षेत्र में पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाने के लिए बुलाया गया है, ताकि वे उन परिवार की महिलाओं और बच्चों से भावनात्मक स्तर पर जुड़ें।
पीड़ित परिवार को दिया एक माह का वेतन
ऋषि गंगा की त्रासदी के बाद से लापता एचसीसी कंपनी में आपरेटर सत्य प्रसाद पुरोहित के परिजनों को कंपनी ने एक माह के वेतन का भुगतान कर दिया है। लापता सत्य प्रसाद की पत्नी शांति ने एचसीसी पर उसके पति को चार माह से वेतन न देने का आरोप लगाया था। एचसीसी के मुख्य कार्याधिकारी चंद्रशेखर गुप्ता ने कहा कि सत्य प्रसाद का दिसंबर व जनवरी माह का वेतन बकाया था, जिसमें से एक माह का वेतन पीड़ित परिवार को दे दिया गया है।