केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने कहा है कि 93 एनटीपीसी कर्मी फिलहाल लापता हैं। 39 लोग अभी भी सुरंग में फंसे हुए हैं। उन तक पहुंचने के प्रयास जारी है। उन्होंने बताया कि हम हिमस्खलन के पास एहतियात के तौर पर अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाने की योजना बना रहे हैं। बता दें कि अभी 175 लोग लापता बताए जा रहे हैं।
उत्तराखंड डीजीपी आशोक कुमार ने कहा कि हैदराबाद की टीम के पास एक रिमोट सेंसिंग उपकरण है जो जमीन में 500 मीटर तक गहरे मलबे का पता लगा सकता है। हम एक हेलीकॉप्टर की मदद से डिवाइस का उपयोग कर रहे हैं।
मलारी हाईवे पर पुल बह जाने के बाद 13 गांव अलग-थलग पड़े हैं। इन गांवों मे हेलीकॉप्टर के जरिए रसद पहुंचाई जा रही है। आईटीबीपी के करीब 50 जवान रसद पहुंचाने में लगे हुए हैं।
टनल में अंधेरा और ऑक्सीजन की कमी के कारण एनडीआरएफ की टीम अब ऑक्सीजन सिलिंडर लगाकर टनल में घुसने की योजना बना रही है। साथ ही टनल में ड्रोन से भी खोजबीन कार्य किया जा रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज राज्य सभा में अपने संबोधन के दौरान उत्तराखंड के चमोली जिले में हिमस्खलन से आई आपदा के राहत-बचाव कार्य की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की सभी संबंधित एजेंसियां आपदा की स्थिति की निगरानी कर रही हैं। शाह ने कहा कि आईटीबीपी के 450 जवान, एनडीआरएफ की पांच टीमें, भारतीय सेना की आठ टीमें, एक नेवी टीम और वायु सेना के पांच हेलीकॉप्टर खोज और बचाव अभियान में लगे हुए हैं।
डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि दोनों पुलिसकर्मियों के शव बरामद हो चुके हैं। कुल शवों की संख्या अब तक 31 हो चुके हैं। फिलहाल 175 लोग लापता हैं। मंगलवार को अभी तक पांच शव बरामद किए जा चुके हैं।
आपदा में लापता हुए लोगों में से एक और व्यक्ति का शव बरामद कर लिया गया है। अब आपदा में मृत हुए लोगों की संख्या 29 हो गई है। बता दें कि इससे पहले आज दो और शव बरामद किए गए थे।
उत्तराखंड पुलिस ने ऋषिगंगा प्राकृतिक आपदा में लापता व्यक्तियों की राज्यवार सूची जारी की है। बचाव और खोज अभियान लगातार जारी है।
सूची...
ऋषिगंगा में आए सैलाब के बाद शवों की ढूंढखोज जारी है। रेस्क्यू टीमों के साथ ही परिजन भी मलबे में अपनों की ढूंढखोज कर रहे हैं।
सूचना विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आज मंगलवार को प्रभावित क्षेत्र से दो और शव बरामद हुए हैं। अब मृतकों की संख्या 28 हो गई है। अभी भी 178 लोग लापता हैं।
तपोवन जल विद्युत परियोजना की सुरंग में करीब 35 मजदूर और तीन इंजीनियर फंसे हैं। बचाव दल का सबसे अधिक फोकस इसी सुरंग से मलबा हटाने पर है, लेकिन पानी और गाद के कारण रेस्क्यू में परेशानी हो रही है।
आपदा प्रभावित क्षेत्र का एरियल सर्वे करने के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ग्लेशियर आपदा प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर पहुंचे हैं।
सुरंग में जहां तक मलबा साफ कर दिया गया है। सुरंग के अंदर पानी के लेवल की जांच करने के लिए आईटीबीपी, सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की एक संयुक्त टीम पहुंची है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जोशीमठ में आईटीबीपी अस्पताल में जाकर रेस्क्यू किए गए लोगों से मिले और उनका हालचाल जाना। वहां से निकलने के बाद सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि, जिन 12 घायलों को रेस्क्यू किया गया है वो आईटीबीपी के इस अस्पताल में भर्ती हैं, सभी ठीक हैं। उन्होंने बताया कि शरीर में काफी दर्द है, डॉक्टरों का कहना है कि ये धीरे-धीरे ठीक हो जाएगा। जो 360 परिवार पुल के ढहने से जिले से कट गए हैं मैं उनसे संपर्क करने जा रहा हूं। वह ये भी बोले कि, ये रणनीति बनी है कि वहां(टनल) दो मशीनों से काम लिया जा सकता है ताकि जल्दी लोगों को रेस्क्यू किया जा सके। टनल के अंदर 30-35 लोगों के फंसे होने की संभावना है, उन तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही सीएम हादसे के एरियल सर्वे के लिए हेलिकॉप्टर से निकल चुके हैं।
सोमवार जारी रही जिंदगियां बचाने की जद्दो जहद