देवलीबगड़ और अलकापुरी गांव के ग्रामीण भी अपने घरों को छोड़कर बदरीनाथ हाईवे पर आ गए। अलकनंदा के किनारे स्थित नंदप्रयाग, बिरही, पीपलकोटी, चमोली, मैठाणा, लंगासू, कालेश्वर और जिलासू में भी ग्रामीण दहशत में रहे। ग्रामीण क्षेत्रों से भी भारी मात्रा में लोग नदी का रौद्र रुप देखने के लिए पहुंचे।
पुलिस की ओर से वाहन में लाउडस्पीकर लगाकर लोगों को नदी किनारे न जाने और सुरक्षित स्थानों में शरण लेने के लिए कहा गया। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य महानंद बिष्ट ने बताया कि दोपहर में पौने एक बजे चमोली में नदी का जलस्तर लगभर तीन मीटर तक बढ़ गया। करीब आधा घंटे बाद नदी का जलस्तर कम होने लग गया था। नदी में बड़े-बड़े लकड़ी के स्लीपर औैर गाद बहकर आ रहा था।
अधजला शव छोड़कर भागे
चमोली बाजार के समीप अलकनंदा घाट पर कुछ लोग दाह संस्कार कर रहे थे। तभी पुलिस वाहन से पुलिस कर्मियों ने लाउडस्पीकर से नदी किनारे से चले जाने की चेतावनी जारी कर दी। जिसे देख लोग अधजला शव छोड़कर भाग गए।