आईटीबीपी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, रविवार को जब त्रासदी हुई थी तब से अपर्णा कुमार तपोवन-जोशीमठ में हैं। उन्होंने बताया कि आईटीबीपी की पहली बटालियन के कमांडिंग अधिकारी बेनुधर नायक कुमार भी उनके साथ हैं ।
अधिकारी ने बताया कि नायक की भी पहाड़ों में काफी समय तक तैनाती रही है और उन्हें इसका खासा अनुभव है। 2013 में जब राज्य में बड़े पैमाने पर बाढ़ एवं आपदा आई थी तब वे उत्तराखंड में पदस्थ थीं।
वे जोशीमठ के निकट औली स्थित स्पेशलाइज्ड माउंटेनियरिंग एंड स्काई इंस्टीट्यूट के अधिकारियों की भी सेवा ले रहे हैं। इसके तहत डिप्टी कमांडेंट नितेश शर्मा भी काम कर रहे हैं।
एक अधिकारी ने बताया, ‘कमांडो का प्रशिक्षण प्राप्त अधिकारी शर्मा रविवार को छोटी सुरंग में जाने वाले पहले व्यक्ति थे। उस सुरंग से एनटीपीसी, तपोवन के 12 श्रमिकों को बचाया गया था। ये सभी अधिकारी आपदा के बाद से ही घटनास्थल पर डटे हुए हैं और सुरंग के भीतर फंसे लोगों को बचाने के हर संभव प्रयास कर रहे हैं।