पाला मनेरी-480 मेगावाट- उत्तरकाशी
भैरों घाटी - 381 मेगावाट - उत्तरकाशी
तमक लाता- 190 मेगावाट - चमोली
ऋषिगंगा-1- 70 मेगावाट - चमोली
ऋषिगंगा-2- 35 मेगावाट - चमोली
उर्गम-2- 7.5 मेगावाट - चमोली
लिमचागाड- 3.5 मेगावाट - उत्तरकाशी
असीगंगा-1 - 4.5 मेगावाट - उत्तरकाशी
असीगंगा-2 - 4.5 मेगावाट - उत्तरकाशी
असीगंगा-3 - 9 मेगावाट - उत्तरकाशी
कालीगाड - 9 मेगावाट - उत्तरकाशी
पिलंगाड-2 - 4 मेगावाट - उत्तरकाशी
यूजेवीएनएल के एमडी संदीप सिंघल ने बताया कि राज्य सरकार ने विभिन्न अध्ययनों के बाद तय किया है कि अलकनंदा, भागीरथी, धौली गंगा, ऋषिगंगा आदि नदियों के अपर रिचेज (ऊपरी हिस्सों) में कोई भी पन बिजली परियोजना नहीं बनाई जाएगी। इसी के तहत पूर्व में ही इन कई प्रोजेक्ट को रोक दिया गया था।
हम इसरो और केंद्रीय जल आयोग की मदद से बांधों पर अर्ली वार्निंग सिस्टम को और पुख्ता कर रहे हैं। उम्मीद है इसके बाद और बेहतर तरीके से किसी भी आपदा की पूर्व में ही जानकारी मिल सकेगी।
- संदीप सिंघल, एमडी, यूजेवीएनएल