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उत्तराखंड: चमोली की विश्वेश्वरी ने सबसे पहले मांगा था पैतृक संपत्ति में बराबरी का हक

Sun, 21 Feb 2021 06:15 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • मुख्यमंत्री बोले- 2008 में जब मैं कृषि मंत्री था, विश्वेश्वरी ने रखी थी मांग
  • महिलाओं को पति की पैतृक संपत्ति में सहखातेदार बनाने के फैसले पर जताया मुख्यमंत्री का आभार 
     
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विश्वेश्वरी देवी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महिलाओं को पति की पैतृक संपत्ति में सहखातेदार बनाने के फैसले से उत्तराखंड के चमोली की विश्वेश्वरी देवी बेहद खुश हैं। ये वही विश्वेश्वरी देवी हैं, जिन्होंने सबसे पहले वर्ष 2008 में यह मांग उठाई थी। तब त्रिवेंद्र सिंह रावत प्रदेश के कृषि मंत्री थे और सीमांत जिले चमोली के दौरे पर थे। यह कहना है मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का। उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर यह संदेश विश्वेश्वरी के एक वीडियो के साथ साझा किया है। 

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सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में विश्वेश्वरी सरकार के फैसले पर खुशी जाहिर कर रही हैं। वह बता रही हैं कि जब त्रिवेंद्र सिंह रावत कृषि मंत्री थे और चमोली आए थे। तब मैंने उनसे शिकवा किया था कि उनके नाम कोई संपत्ति न होने से बैंक उन्हें ऋण नहीं देते हैं।

महिलाओं को भी भूमि में बराबरी का अधिकार मिलने से बैंकों से ऋण मिल सकेगा और वे कुछ काम धंधा शुरू कर सकेंगी। सरकार के फैसले से बेहद प्रसन्न नजर आ रही विश्वेश्वरी मुख्यमंत्री का धन्यवाद कर रही हैं। 

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विश्वेश्वरी ने लाखों महिलाओं को उनका अधिकार दिलाया : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में लिखा है कि वर्ष 2008 में मैं जब प्रदेश का कृषि मंत्री था। सीमांत जिले चमोली में मेरी मुलाकात विश्वेश्वरी देवी से हुई थी। उन्होंने बड़े तार्किक ढंग से यह बात रखी कि पति की संपत्ति में महिलाओं को बराबरी का अधिकार होना चाहिए। मेरे जेहन में हमेशा यह बात रही। आज जब मैं प्रदेश का मुख्यमंत्री हूं तो मुझे बेहद खुशी है कि हमारी सरकार ने विश्वेश्वरी देवी की मन की इच्छा को पूरा किया। प्रदेश की लाखों महिलाओं को उनका अधिकार दिलाया।

महिलाओं को पति की पैतृक संपत्ति में सहखातेदार बनाए जाने का फैसला ऐतिहासिक है। पार्टी मुख्यमंत्री, पूरे मंत्रिमंडल और सरकार की आभारी है कि उसने प्रदेश की महिलाओं के हित में फैसला किया। इस फैसले से महिलाओं में आर्थिक मजबूती आएगी। वे बैंक से लोन लेकर स्वरोजगार शुरू कर सकेंगी। 
- बंशीधर भगत, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
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