मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में लिखा है कि वर्ष 2008 में मैं जब प्रदेश का कृषि मंत्री था। सीमांत जिले चमोली में मेरी मुलाकात विश्वेश्वरी देवी से हुई थी। उन्होंने बड़े तार्किक ढंग से यह बात रखी कि पति की संपत्ति में महिलाओं को बराबरी का अधिकार होना चाहिए। मेरे जेहन में हमेशा यह बात रही। आज जब मैं प्रदेश का मुख्यमंत्री हूं तो मुझे बेहद खुशी है कि हमारी सरकार ने विश्वेश्वरी देवी की मन की इच्छा को पूरा किया। प्रदेश की लाखों महिलाओं को उनका अधिकार दिलाया।
महिलाओं को पति की पैतृक संपत्ति में सहखातेदार बनाए जाने का फैसला ऐतिहासिक है। पार्टी मुख्यमंत्री, पूरे मंत्रिमंडल और सरकार की आभारी है कि उसने प्रदेश की महिलाओं के हित में फैसला किया। इस फैसले से महिलाओं में आर्थिक मजबूती आएगी। वे बैंक से लोन लेकर स्वरोजगार शुरू कर सकेंगी।
- बंशीधर भगत, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा